सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे सांसद अमराराम, पुलिस ने रोका
सीकर के सांसद और सीपीआई (एम) नेता अमराराम मंगलवार शाम को जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद लद्दाख के चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें जेल परिसर के बाहर ही रोक दिया।
जेल प्रशासन ने मिलने की अनुमति नहीं दी
सांसद अमराराम ने जेल अधीक्षक को औपचारिक पत्र लिखकर वांगचुक से मिलने की अनुमति मांगी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। उन्हें जेल के लाल फाटक के पास बैरिकेडिंग के पहले ही रोक दिया गया। सांसद ने करीब आधे घंटे तक वहां इंतजार किया और फिर अन्य कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
सोनम वांगचुक को अलग वार्ड में रखा गया
जोधपुर सेंट्रल जेल प्रशासन ने केंद्र सरकार के निर्देशानुसार सोनम वांगचुक को सुरक्षा कारणों से एक अलग वार्ड में रखा है। इस वार्ड के आसपास किसी भी व्यक्ति, जेल स्टाफ या अन्य बंदियों को जाने की अनुमति नहीं है। 24x7 सीसीटीवी कैमरों और अतिरिक्त सुरक्षा गार्डों के जरिए उनकी निगरानी की जा रही है।
जेल परिसर के बाहर भी कड़े सुरक्षा इंतजाम
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर की रात लद्दाख से जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया था। उनके आने के बाद से जेल परिसर के बाहर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। लाल फाटक से काफी दूरी पर बैरिकेडिंग लगाई गई है और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की कड़ी जांच की जा रही है।
सांसद ने जताई नाराजगी
सांसद अमराराम ने कहा कि वांगचुक जैसे सामाजिक कार्यकर्ता से मिलने की अनुमति न दिए जाने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन संजीवनी की कमी का सामना कर रहा है। उन्होंने प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठाए।
वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन
इसी बीच, वांगचुक के समर्थन में एक युवक तिरंगा लेकर जेल के बाहर पहुंचा और भारत माता की जय के नारे लगाए, जिसे पुलिस ने तुरंत हिरासत में ले लिया।
इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चा छेड़ दी है।