सतना में भाजपा नेता पर दुष्कर्म केस में नया मोड़
मध्य प्रदेश के सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र में भाजपा नेता अशोक सिंह पर लगे दुष्कर्म के आरोपों ने बड़ा मोड़ ले लिया है। कुछ दिन पहले पीड़िता ने उन पर चाकू की नोक पर बलात्कार और आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन अब उसने पुलिस के सामने अपना बयान बदल दिया है।
पीड़िता ने बदला बयान, दुष्कर्म के आरोप से पीछे हटी
22 दिसंबर को पीड़िता ने सतना के एसपी हंसराज सिंह के सामने शिकायत की थी कि करही निवासी भाजपा नेता अशोक सिंह ने करीब छह महीने पहले उसके घर में घुसकर चाकू की नोक पर रेप किया और उसका वीडियो बना लिया। आरोप था कि वह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोबारा संबंध बनाने के लिए दबाव डाल रहा था।
इसके बाद शनिवार रात पीड़िता थाने पहुंची और लिखित आवेदन देकर अपना बयान बदल दिया। उसने कहा कि अशोक सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म नहीं किया, बल्कि छेड़छाड़ की, अश्लील इशारे किए और गलत हरकतें कीं। उसने यह भी स्वीकार किया कि 22 दिसंबर को जो शिकायत दर्ज कराई गई थी, वह गुस्से और डर की स्थिति में दी गई थी, जिसमें रेप और चाकू से धमकाने जैसी बातें बढ़ा-चढ़ाकर लिखवा दी गईं।
पुलिस की कार्रवाई और दर्ज धाराएं
रामपुर बाघेलान थाने की सब इंस्पेक्टर प्रीति कुशवाहा के अनुसार, जांच के दौरान पीड़िता के बदले हुए बयान के आधार पर पुलिस ने नया प्रकरण दर्ज किया है। इसके तहत भाजपा नेता अशोक सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला की गरिमा भंग करना), 75(2) (यौन उत्पीड़न), 79 (शब्द या इशारे से अपमान), 296(1) (अश्लील कृत्य) और 351(3) (धमकी देना) के तहत मामला कायम कर उसे गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उसके लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह के दबाव या धमकी से उसे बचाया जा सके।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
पीड़िता की प्रारंभिक शिकायत के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कथित रूप से अशोक सिंह पुलिस को चुनौती देता नजर आ रहा था। वीडियो में वह यह कहते दिखा कि शिकायत करने से उसका कुछ नहीं बिगड़ने वाला। वीडियो वायरल होने और मामले के मीडिया में उछलने के बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा और जांच तेज की गई।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पहले जो शिकायत दर्ज हुई थी, उसमें पीड़िता ने दावा किया था कि अशोक सिंह वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे बार-बार संबंध बनाने के लिए मजबूर कर रहा है और शिकायत करने पर भी उसने धमकाया। इसी संदर्भ में धमकाने वाला वीडियो सामने आया था, जिसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया।
तीन दशक पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपी अशोक सिंह की राजनीतिक पहचान के साथ-साथ आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। लगभग 50 वर्षीय अशोक सिंह, पिता लक्ष्मीनारायण सिंह, पर पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 1996 से अब तक कुल 9 गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है।
बताया जा रहा है कि अशोक सिंह की पत्नी स्थानीय निकाय की पार्षद है और वह खुद भाजपा से जुड़ा हुआ है। इस कारण मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील बन गया है और स्थानीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
निष्कर्ष: बयान बदलने से जांच की दिशा बदली, केस जारी
पीड़िता के बयान बदलने के बाद दुष्कर्म का गंभीर आरोप तो कमजोर पड़ गया है, लेकिन छेड़छाड़, अश्लील इशारों और धमकी जैसे अपराधों के आधार पर पुलिस ने भाजपा नेता अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसका पुराना आपराधिक इतिहास इस मामले की गंभीरता और बढ़ाता है।
अब जांच का फोकस यह समझने पर होगा कि शुरुआती शिकायत किन परिस्थितियों में दर्ज हुई, बाद में बयान बदलने के पीछे क्या कारण रहे और क्या किसी तरह का बाहरी दबाव या समझौते की कोशिश हुई। पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती यह है कि राजनीतिक और सामाजिक दबाव से अलग हटकर निष्पक्ष जांच कर पीड़िता की सुरक्षा और न्याय, दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
Faraz Khan