सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर पुलिस अधिकारियों को झूठे हलफनामे पर लगाई फटकार
इंदौर के अतिरिक्त डीसीपी दिशेष अग्रवाल और चंदन नगर थाना प्रभारी इंद्रमणि पटेल को सुप्रीम कोर्ट ने गलत हलफनामा पेश करने पर सख्त फटकार लगाई है। दोनों अधिकारियों ने आरोपी अनवर हुसैन की जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया था कि हुसैन पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
झूठे दावों का खुलासा
जस्टिस संदीप मेहता और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने पाया कि हलफनामे में बताए गए आठ मामलों में से चार मामलों में, जिनमें IPC की धारा 376 भी शामिल थी, याचिकाकर्ता आरोपी नहीं था। इस झूठी जानकारी को कोर्ट ने नागरिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के रूप में गंभीरता से लिया।
कंप्यूटर गलती का तर्क खारिज
पुलिस अधिकारियों ने तर्क दिया कि यह गलती कंप्यूटर से तैयार होने या पिता-पुत्र के नाम मिलने के कारण हुई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस तर्क को खारिज करते हुए टीआई इंद्रमणि पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
25 नवंबर को व्यक्तिगत उपस्थिति का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों अधिकारियों और इस प्रक्रिया में शामिल अन्य लोगों को 25 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। इसके अलावा, दो दिन पहले स्पष्टीकरण जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने आरोपी अनवर हुसैन को जमानत पर रिहा करने का आदेश भी दिया।
Janmejay Chaturvedi