तिरुपति लड्डू में घी मिलावट का बड़ा खुलासा
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच करीब 48.76 करोड़ लड्डू बनाए गए, जिनमें से 20 करोड़ लड्डू मिलावटी घी से बने थे। यह मिलावट रोजाना दर्शनार्थियों की संख्या, खरीद के रिकॉर्ड और सप्लाई के आंकड़ों के आधार पर उजागर हुई है।
SIT की पूछताछ और डेयरी कंपनी का नाम
SIT जांच में पाया गया कि 68 लाख किलो घी मिलावटी था, जिसमें पाम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थ शामिल थे। यह घी उत्तराखंड की भोले बाबा डेयरी और उसकी सेल कंपनियों द्वारा सप्लाई किया गया था, जिसकी अनुमानित कीमत ₹250 करोड़ है। SIT ने पूर्व TTD चेयरमैन और YSRCP सांसद वाई.वी. सुब्बा रेड्डी से आठ घंटे पूछताछ की।
लड्डू बनाने की परंपरा
तिरुमाला मंदिर में लड्डू प्रसाद 1715 से भक्तों को दिया जा रहा है। यह परंपरा 300 साल पुरानी है। लड्डू बनाने की प्रक्रिया जिसे "दित्तम" कहा जाता है, बहुत सख्ती से मानी जाती है। इतने वर्षों में लड्डू की रेसिपी में सिर्फ छह बार बदलाव हुए हैं।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई
SIT ने लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि की थी। पूर्व चेयरमैन ने दावा किया कि उन्हें रिपोर्ट कभी दिखाई नहीं गई। एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट नेल्लोर कोर्ट में दाखिल कर दी है और 15 दिसंबर तक सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
निष्कर्ष
यह मामला तिरुपति लड्डू की शुद्धता पर सवाल खड़ा करता है, जो भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक है। जांच एजेंसियां दोषियों को सजा दिलाने और प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं।
Bhavanesh Soni