पश्चिम बंगाल में TMC नेताओं द्वारा कथित "कट मनी" लौटाने का मामला सामने आया
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के स्थानीय नेताओं पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले लोगों से कमीशन लेने और अब सत्ता परिवर्तन के बाद वह पैसा लौटाने का आरोप है। दक्षिण 24 परगना के नामखाना में PM आवास योजना के तहत घर दिलाने के एवज में प्रति लाभार्थी ₹5 हजार वसूलने का आरोप लगाते हुए TMC नेता माधव चंद्र लाया को लोगों को पैसे लौटाते देखा गया। माधव चंद्र लाया, जो शिबरामपुर ग्राम पंचायत का सदस्य है, ने दावा किया कि उसने बिना किसी दबाव के ₹5-₹5 हजार लौटाए और यह पैसा पार्टी के दबाव में लिया गया था, जिसमें पंचायत के कई अधिकारी और वरिष्ठ TMC नेता भी शामिल थे।
मुर्शिदाबाद और नादिया में भी अनियमितताएं
मुर्शिदाबाद के नूतनग्राम में बांग्लार आवास योजना के तहत रिश्वत लेने के आरोप में ग्राम उपप्रधान सिराजुल शेख को ग्रामीणों की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि घर दिलाने के नाम पर ₹5 हजार से ₹15 हजार तक लिए जाते थे। वहीं, नादिया जिले के धुबुलिया में महिलाओं के लिए चलाई जा रही लक्ष्मीर भंडार योजना की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम पाए गए, जिनके खातों से फरवरी से अब तक पैसे निकाले गए। जिलाधिकारी ने जांच के बाद इन नामों को सूची से हटा दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि लक्ष्मीर भंडार योजना के लगभग 2.2 करोड़ लाभार्थियों में से 30 लाख लाभार्थी फर्जी हो सकते हैं और उन्होंने SIT जांच और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से पड़ताल की बात कही है।
जांच के लिए आयोग गठित और अन्य आरोप
राज्य सरकार ने कथित कट-मनी, सरकारी फंड के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए 'इंस्टिट्यूशनल कमीशन' गठित किया है, जिसकी अध्यक्षता रिटायर्ड जज विश्वजीत बसु करेंगे। इस आयोग के माध्यम से लोग सीधे शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। स्थानीय भाजपा नेता सुरेंद्र बर्मन ने TMC सरकार पर ग्रामीणों को धमकी देने का आरोप लगाया है कि पैसे न देने पर सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा या जमीन के लेन-देन में बाधा डाली जाएगी। हालांकि, कूचबिहार जिले के TMC नेतृत्व ने किसी भी तरह की अवैध वसूली से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया है और कहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने अवैध रूप से पैसे लिए हैं तो उसे स्वयं जवाब देना होगा।
"कट मनी" का मुद्दा
"कट मनी" पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा रहा है, जिसका अर्थ सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या विभिन्न परियोजनाओं में लाभार्थियों से कथित कमीशन वसूलना है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। 2019 में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी "कट मनी" की बात को स्वीकार किया था।
Janmejay Chaturvedi