TMC विधायक भाजपा में शामिल होने को मजबूर: पुलिस का दबाव; दो MLA निष्कासित

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TMC विधायक भाजपा में शामिल होने को मजबूर: पुलिस का दबाव; दो MLA निष्कासित

ममता बनर्जी का भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप, दो TMC विधायक निष्कासित

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायकों पर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का दबाव बना रही है। ममता ने यह भी कहा कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराने-धमकाने या रिश्वत देकर TMC को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग TMC छोड़कर गए हैं, उनके जाने से पार्टी का भला ही हुआ है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में दो MLA निष्कासित

ममता बनर्जी का यह वीडियो संदेश TMC के भीतर टूट की खबरों के बीच आया है। इसी दिन पार्टी ने अपने दो विधायकों, संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी, को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निष्कासित कर दिया। दोनों विधायकों पर पार्टी के खिलाफ बयान देने और बैठकों से दूर रहने का आरोप है।

निष्कासित विधायकों ने फर्जी हस्ताक्षर का लगाया आरोप

पार्टी से निकाले जाने के बाद संदीपन साहा ने TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में नैतिकता की बात करना ही एंटी-पार्टी गतिविधि माना जाता है। वहीं, संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि नेता प्रतिपक्ष के रूप में शोभनदेब चट्टोपाध्याय के समर्थन में तैयार प्रस्ताव में उनके हस्ताक्षर फर्जी तरीके से दिखाए गए थे। दोनों विधायकों का दावा था कि 6 मई को हुई बैठक में ऐसा कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। विधानसभा अध्यक्ष के हस्तक्षेप पर कोलकाता के हरे स्ट्रीट थाने में FIR दर्ज की गई, जिसकी जांच बाद में CID को सौंप दी गई। CID ने इस मामले में TMC महासचिव अभिषेक बनर्जी को जांच में शामिल होने और प्रस्ताव की ऑरिजिनल कॉपी पेश करने के लिए नोटिस भी भेजा था।

विधायकों की बैठक में नहीं पहुंचे थे 60 विधायक

गौरतलब है कि 31 मई को ममता ने TMC विधायकों की एक बैठक बुलाई थी, लेकिन 80 में से केवल 20 विधायक ही पहुंचे थे, जिसके कारण बैठक टाल दी गई थी। इस घटना ने पार्टी में टूट की अटकलों को और तेज कर दिया था।

Ravi Yadav