ट्रम्प के सीजफायर प्लान पर इजराइल और हमास में सहमति के संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि इजराइल ने गाजा से पीछे हटने के लिए शुरुआती सीमा रेखा (Initial Withdrawal Line) पर सहमति जताई है। ट्रम्प ने इस योजना को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा किया और एक नक्शा भी प्रदर्शित किया जिसमें इजराइली सेना की वापसी की दिशा को पीली रेखा के जरिए दिखाया गया है।
सीजफायर और बंधकों की रिहाई
ट्रम्प ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता 3,000 साल पुराने संकट को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने हमास को शांति प्रस्ताव मानने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद हमास ने ट्रम्प के प्लान के तहत सभी बंधकों को रिहा करने और गाजा प्रशासन छोड़ने की सहमति जताई है।
हमास ने स्पष्ट किया है कि वह ट्रम्प के प्लान के कुछ हिस्सों पर बातचीत करना चाहता है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने अभी हथियार डालने की शर्त को स्वीकार नहीं किया है।
इजराइल की वापसी योजना
ट्रम्प द्वारा साझा किए गए नक्शे के अनुसार, इजराइल की सेना गाजा से अपनी पुरानी नियंत्रण रेखा तक पीछे हटेगी। वर्तमान में इजराइली सेना गाजा के लगभग 70% हिस्से पर नियंत्रण रखती है। यदि हमास इस योजना को मंजूरी देता है, तो ट्रम्प प्रशासन पहले चरण की वापसी और शांति व्यवस्था लागू करने पर काम करेगा।
हमास का रुख
हमास ने कहा कि वह गाजा का प्रशासन किसी फिलिस्तीनी समूह को सौंपने को तैयार है, जो फिलिस्तीनी जनता की सहमति और अरब-इस्लामिक देशों के समर्थन से गठित होगा। हालांकि, गाजा पर इजराइली कब्जा खत्म होने तक वह हथियार नहीं छोड़ेगा।
सीजफायर प्लान के मुख्य बिंदु
ट्रम्प के 20 पॉइंट प्लान के तहत हमास 48 बंधकों को रिहा करेगा, जिनमें से 20 के जिंदा होने का दावा किया गया है। बदले में इजराइल 2,000 से अधिक फिलिस्तीनी कैदियों और मारे गए गाजा निवासियों के शव लौटाएगा।
निष्कर्ष
ट्रम्प ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अभी भी कई मुद्दों पर काम किया जाना बाकी है। उन्होंने बंधकों की जल्द रिहाई और उनके परिजनों से मिलने की उम्मीद जताई। हालांकि, सीजफायर का यह प्रारंभिक प्रस्ताव अभी भी कई जटिलताओं से घिरा हुआ है।