ट्रंप ने ईरान के नए प्रस्ताव को सिरे से नकारा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने इस प्रस्ताव को स्वीकार्य नहीं किया है। उन्होंने आगे कहा कि ईरानी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन उनके प्रस्ताव से वे संतुष्ट नहीं हैं।
ट्रंप ने जताई आपत्ति
ट्रंप ने कुछ बातों पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि कुछ चीजें हैं जिनसे मैं सहमत नहीं हो सकता। कैन न्यूज के संवाददाता नाथन गुटमैन के साथ फोन पर बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यह मुझे स्वीकार्य नहीं है। मैंने इसका अध्ययन किया है, मैंने हर चीज का अध्ययन किया है, यह स्वीकार्य नहीं है। ट्रंप ने इस दौरान क्षेत्रीय सैन्य अभियान की सफलता पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि अभियान बहुत अच्छा चल रहा है।
इजरायली राष्ट्रपति से अपील
ट्रंप ने इजरायली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उनके आपराधिक मुकदमों में क्षमादान देने की अपील भी दोहराई। गुटमैन से उन्होंने कहा कि अपने राष्ट्रपति से बिबी को क्षमा करने के लिए कहिए। वह युद्धकालीन प्रधानमंत्री हैं। अगर मैं और बिबी इस क्रम में न होते तो इजरायल अस्तित्व में न होता। आप ऐसा प्रधानमंत्री चाहते हैं जो युद्ध पर ध्यान केंद्रित कर सके, न कि निरर्थक बातों पर।
ईरान का इंतजार
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका की प्रतिक्रिया तेहरान पहुंच गई है और इसका अध्ययन किया जा रहा है। बगाई ने कहा कि पाकिस्तान के माध्यम से तेहरान के प्रस्ताव पर संयुक्त राज्य अमेरिका का दृष्टिकोण ईरान तक पहुंच गया है। इसकी समीक्षा चल रही है और अंतिम रूप देने के बाद ईरान अपनी प्रतिक्रिया देगा।
ईरान का प्रस्ताव
ईरान ने 14 सूत्री प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा था, जिसमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की अपील की गई है। तेहरान का कहना है कि इस प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का कोई जिक्र नहीं है और इसका उद्देश्य केवल क्षेत्रीय संघर्ष को खत्म करना है। ईरान ने 30 दिनों के अंदर समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया है, जबकि अमेरिका दो महीने के युद्धविराम का प्रस्ताव रख रहा था।
Janmejay Chaturvedi