उज्जैन सिंहस्थ भूमि विवाद दिल्ली पहुंचा

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उज्जैन सिंहस्थ भूमि  विवाद दिल्ली पहुंचा

उज्जैन सिंहस्थ भूमि अधिग्रहण विवाद केंद्र तक पहुंचा

उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के लिए भूमि अधिग्रहण का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा स्थायी निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर किसानों ने आपत्ति जताई है। भारतीय किसान संघ ने केंद्रीय नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर शिकायत की है।

केंद्रीय नेताओं ने दी योजना की समीक्षा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने किसानों की शिकायत पर उज्जैन सिंहस्थ की योजना की समीक्षा की। शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे हरिद्वार और नासिक जैसे शहरों की योजना का तुलनात्मक अध्ययन करें और पुनः तैयारी करके 15 दिन बाद चर्चा करें।

किसानों की मांग और आपत्ति

किसान संघ ने मांग की है कि सरकार स्थायी अधिग्रहण के बजाय अस्थायी निर्माण की व्यवस्था करे। उन्होंने सुझाव दिया कि सिंहस्थ क्षेत्र में केवल 2–3 महीने के लिए भूमि अधिग्रहित की जाए ताकि विवाद और आपत्तियां न बढ़ें। साथ ही, किसानों को मुआवजा देने की भी सिफारिश की गई है।

स्थायी निर्माण पर बढ़ता विरोध

किसानों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन और चक्काजाम कर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने क्षिप्रा नदी के किनारों पर अस्थायी संरचनाएं बनाने की मांग की। आलोट के बीजेपी विधायक ने भी विधानसभा में स्थायी अधिग्रहण पर अपनी ही सरकार को घेरा और किसानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई।

कुल मिलाकर, इस विवाद का समाधान किसानों और सरकार के बीच औपचारिक चर्चा और पारस्परिक सहमति से ही संभव है।