उपराष्ट्रपति चुनाव और पद की विशेष सुविधाओं पर नजर

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उपराष्ट्रपति चुनाव  और पद की  विशेष सुविधाओं  पर नजर

भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव और पद की सुविधाओं पर चर्चा

भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए आगामी चुनाव 9 सितंबर को आयोजित होने वाले हैं। यह चुनाव असामान्य परिस्थितियों में हो रहा है क्योंकि वर्तमान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने कार्यकाल को पूरा किए बिना इस्तीफा दे दिया। उनके अचानक इस्तीफे ने संसद के मानसून सत्र के दौरान सभी को चौंका दिया।

चुनाव में उम्मीदवार

इस बार चुनाव में एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि विपक्षी गठबंधन इंडिया ने न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतारा है। यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपराष्ट्रपति पद की सुविधाएं

भारत के उपराष्ट्रपति को नियमित वेतन नहीं मिलता है। लेकिन उन्हें राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने के लिए 4 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। यह वेतन सैलरी और अलाउंसेस ऑफ ऑफिसर्स ऑफ पार्लियामेंट एक्ट, 1953 के तहत निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, उपराष्ट्रपति को मुफ्त आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं, ट्रेन और हवाई यात्रा, संचार सेवाएं, व्यक्तिगत सुरक्षा और स्टाफ जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।

पूर्व उपराष्ट्रपति की सुविधाएं

पूर्व उपराष्ट्रपति को भी सरकार की ओर से कई विशेष सुविधाएं मिलती हैं। उन्हें हर महीने लगभग 2 लाख रुपये की पेंशन दी जाती है। इसके अलावा, टाइप-8 बंगला, व्यक्तिगत सचिव, सहायक, चिकित्सक और अन्य स्टाफ का प्रावधान होता है। यदि पूर्व उपराष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है, तो उनकी पत्नी को जीवनभर टाइप-7 बंगला दिया जाता है।

निष्कर्ष

उपराष्ट्रपति पद न केवल भारत के संवैधानिक ढांचे में दूसरा सबसे ऊंचा पद है, बल्कि इसके साथ कई महत्वपूर्ण सुविधाएं भी जुड़ी हुई हैं। आगामी चुनाव में कौन विजेता बनेगा, यह राजनीतिक संतुलन और गठबंधन की शक्ति को निर्धारित करेगा।