विजय थालापति की राजनीति में एंट्री: पिता पर केस, कोर्ट तक पहुंचे थे अभिनेता
तमिलनाडु में विजय थालापति की टीवीके ने विधानसभा चुनावों में 234 में से 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है। अपनी पहली ही राजनीतिक पारी में रिकॉर्ड कायम करने वाले विजय थालापति का मन पहले राजनीति में आने का नहीं था। उन्होंने खुद कभी राजनीति में आने की इच्छा नहीं जताई थी।
माता-पिता ने शुरू की थी राजनीतिक पार्टी
साल 2020 में विजय थालापति के पिता एस. ए. चंद्रशेखर ने 'विजय मक्कल अय्यकम' (VMI) नाम से एक राजनीतिक पार्टी पंजीकृत कराने का प्रयास किया। इसमें विजय के पिता महासचिव और उनकी मां शोभा कोषाध्यक्ष बनीं। इस पार्टी की शुरुआत के लिए विजय से अनुमति नहीं ली गई थी।
विजय ने की थी पिता पर केस
सितंबर 2021 में विजय ने वीएमआई से खुद को अलग करते हुए कहा कि उन्हें अपने पिता की योजनाओं के बारे में पहले नहीं बताया गया था। इसके बाद विजय ने अपने माता-पिता समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया, जिसके बाद वीएमआई को भंग कर दिया गया था।
फिल्मों में संघर्ष और सफलता
विजय ने बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। बड़े होने पर शुरुआती फिल्मों में उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिली। पिता एस. ए. चंद्रशेखर द्वारा निर्देशित फिल्म 'सेंथूरपांडी' (1993) ने उन्हें रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों का एक्टर बनाया। बाद में उन्होंने एक्शन फिल्मों की ओर रुख किया और 'थालापति' (कमांडर) का खिताब हासिल किया।
राजनीतिक भविष्य को लेकर दुविधा
अपने फैंस के जुनून को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने की क्षमता होने के बावजूद, विजय को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर हमेशा आशंकाएं रहीं। 2009 में पिता द्वारा बनाए गए फैन क्लब के बावजूद, विजय राजनीतिक भविष्य को लेकर असमंजस में थे। 2021 में उन्होंने कहा था कि तमिलनाडु में राजनीतिक शून्य बनने पर ही वह राजनीति में आने पर विचार करेंगे।
Lokendra Mishra