वन नेशन, वन इलेक्शन पर पीयूष गोयल का जोर
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को देश में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रणाली लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव कराने से मतदाता थक जाते हैं, जिससे मतदान प्रतिशत और शासन दोनों प्रभावित होते हैं। यह व्यवस्था लागू होने से मतदाता सहभागिता बढ़ेगी, प्रशासनिक खर्च में कमी आएगी और शासन बेहतर होगा।
विभिन्न राज्यों में अलग-अलग चुनाव से बाधा
गोयल ने दिल्ली में आयोजित 'Entrepreneurs & Traders Leadership Summit' में कहा कि वर्तमान प्रणाली से प्रशासनिक कामकाज आदर्श आचार संहिता के कारण बार-बार ठप हो जाता है। उन्होंने आंध्र प्रदेश और ओडिशा का उदाहरण देते हुए बताया कि जहां चुनाव एकसाथ होते हैं, वहां मतदान प्रतिशत अधिक रहता है।
व्यापक बदलावों की आवश्यकता
'वन नेशन, वन इलेक्शन' प्रणाली लागू करने के लिए संवैधानिक संशोधनों सहित लगभग 18 कानूनों में बदलाव की जरूरत होगी। इसमें विधानसभा की अवधि और भंग करने के नियम, परिसीमन, राष्ट्रपति शासन और चुनाव आयोग की शक्तियों से जुड़े अनुच्छेदों में संशोधन शामिल हैं।
समर्थन और विरोध
भाजपा इस प्रणाली को लागत बचाने और शासन सुधार का कदम मानती है, जबकि विपक्ष इसे तानाशाही और राज्यों की स्वायत्तता पर हमला करार देता है।