12 जनवरी से संकल्प से समाधान अभियान, पोर्टल से गांव-वार्ड की हर शिकायत का समाधान

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12 जनवरी से संकल्प से समाधान अभियान, पोर्टल से गांव-वार्ड की हर शिकायत का समाधान

मध्यप्रदेश में 12 जनवरी से ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की शुरुआत

मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सीधे और समयबद्ध तरीके से दिलाने के लिए 12 जनवरी, युवा दिवस से राज्यव्यापी ‘संकल्प से समाधान’ अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान 31 मार्च 2026 तक चार चरणों में चलेगा, जिसके अंतर्गत ग्राम पंचायत, वार्ड, ब्लॉक, जोन और जिला स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।

सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर अलग मॉड्यूल से पूरी प्रक्रिया

अभियान की पूरी प्रक्रिया सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होगी। इसके लिए पोर्टल पर विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें अधिकारी और नागरिक दोनों के लिए लॉगिन की सुविधा रहेगी। आवेदन, शिकायत, उनका निराकरण और निगरानी सभी कार्य ऑनलाइन ट्रैक किए जा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि शिविरों में प्राप्त और ऑनलाइन दर्ज सभी आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए।

नागरिक चाहे तो शिविर से पहले ही पोर्टल पर आवेदन दर्ज कर अपना पंजीयन करा सकेंगे। साथ ही, वे अपनी सुविधा के अनुसार ऑनलाइन माध्यम से ही उपयुक्त शिविर का चयन भी कर पाएंगे, जहां उनके आवेदन पर मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी।

चार चरणों में अभियान की रूपरेखा

पहला चरण: 12 जनवरी से 15 फरवरी

पहले चरण में ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर पर आवेदन और शिकायतें एकत्र की जाएंगी। वार्ड स्तरीय समितियां बनाई जाएंगी और नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। टीमें घर-घर जाकर और शिविर लगाकर नागरिकों से आवेदन लेंगी, जिन्हें सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा।

दूसरा चरण: 16 फरवरी से 16 मार्च

दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में क्लस्टर स्तर और शहरी क्षेत्रों में जोन स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में तहसीलदार, जनपद सीईओ, सीएमओ और जोनल अधिकारी नोडल अधिकारी की भूमिका निभाएंगे। इस स्तर पर अधिकतम आवेदनों का मौके पर ही निराकरण करने पर जोर दिया जाएगा।

तीसरा चरण: 16 मार्च से 26 मार्च

तीसरे चरण में ब्लॉक और नगर स्तर पर शिविर आयोजित होंगे। इस दौरान क्लस्टर और जोन स्तर पर लंबित आवेदनों के साथ-साथ नए प्राप्त होने वाले आवेदनों पर भी कार्य किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।

चौथा चरण: 26 मार्च से 31 मार्च

अंतिम और चौथे चरण में जिला स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरित किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 31 मार्च तक सभी प्राप्त आवेदनों का अनिवार्य रूप से निराकरण हो।

नागरिकों की भागीदारी और ऑनलाइन सुविधा

अभियान के दौरान नागरिकों को यह सुविधा दी जाएगी कि वे शिविरों से पहले ही ऑनलाइन आवेदन कर सकें और पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर सकें। शिविरों में प्राप्त आवेदन और पहले से ऑनलाइन दर्ज आवेदन, दोनों पर वहीं उपस्थित अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था से प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाई जाने की मंशा है।

निगरानी और प्रोत्साहन की व्यवस्था

अभियान के हर स्तर पर कार्यों की निगरानी सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से होगी, जिससे प्रगति की वास्तविक समय में समीक्षा संभव होगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, ताकि समय पर और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को बढ़ावा दिया जा सके और अभियान के उद्देश्यों की प्रभावी रूप से प्राप्ति हो।

Navjeet Kaur