खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पीडीएस में सुधार और घर-घर राशन योजना का विस्तार बताया
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, उपभोक्ता संरक्षण, किसान हित और गैस आपूर्ति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभागीय कार्यों की जानकारी देते हुए दावा किया कि प्रणाली को पारदर्शी और लाभार्थी केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
अपात्र हितग्राहियों के 14 लाख नाम सूची से हटाए गए
मंत्री राजपूत ने बताया कि अपात्र लोगों को राशन बांटे जाने की जांच लगातार की जा रही है और इस प्रक्रिया के तहत 14 लाख अपात्र नामों को सूची से हटाया गया है। उनके अनुसार निजी और सरकारी गोदामों को मिलाकर पर्याप्त भंडारण क्षमता मौजूद है। कई निजी गोदाम अक्सर खाली रह जाते हैं, इसलिए विशेषज्ञों की मदद से उनके बेहतर उपयोग की योजना बनाई जा रही है और उन्हें अन्य उत्पादों के भंडारण की ओर मोड़ने की तैयारी है।
घर-घर राशन योजना का आदिवासी क्षेत्रों से पूरे प्रदेश तक विस्तार
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 89 आदिवासी ब्लॉकों में घर पर राशन पहुंचाने की सुविधा दी जा रही है। सरकार की योजना है कि इस व्यवस्था को जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू किया जाए, ताकि दूरदराज और कमजोर वर्ग के लोगों तक समय पर राशन पहुंच सके।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण
राजपूत के अनुसार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक हितग्राहियों को लगभग 22,800 करोड़ रुपये मूल्य का नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को राहत मिली है।
राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए एसएमएस सूचना और जागरूकता कार्यक्रम
मंत्री ने जानकारी दी कि राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम लागू किया गया है। इसके तहत हितग्राहियों को राशन आने और वितरण से संबंधित जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जा रही है, जिससे उन्हें समय पर जानकारी मिल सके और अनियमितताओं की संभावना कम हो।
सीएम पोषण मार्ट: राशन दुकानों से किराना और अन्य उत्पादों की बिक्री
विभाग ने इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में राशन दुकानों से अनाज के साथ-साथ किराना, जनरल स्टोर और ओडीओपी उत्पादों की बिक्री शुरू की थी। मंत्री राजपूत ने बताया कि अब इस मॉडल को सीएम पोषण मार्ट के नाम से विस्तार दिया जा रहा है। भोपाल सहित 15 अन्य जिलों में यह योजना लागू की जाएगी।
सरकार की मंशा है कि इस पहल से राशन दुकान संचालकों की आय में वृद्धि हो और ग्राहकों को एक ही स्थान पर अनाज के अलावा दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री भी उपलब्ध हो सके। इस तरह सार्वजनिक वितरण प्रणाली को बहुउद्देश्यीय बनाकर लाभार्थियों और दुकानदारों दोनों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
Gulzar Ahmad