विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को
विपक्ष की एकजुटता और मुख्य मांगें
इस पत्र पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) सहित 23 विपक्षी दलों और निर्दलीय राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में कहा गया है कि जब लोकतांत्रिक संस्थाएं अपेक्षित तरीके से काम नहीं करतीं, तब देश की जनता न्यायपालिका की ओर उम्मीद से देखती है। इसमें चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया से विभिन्न राज्यों में लोगों पर पड़े प्रभाव की बात की गई है।
SIR प्रक्रिया और इसके प्रभाव
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि 8 जून को इंडिया ब्लॉक की बैठक में यह पत्र भेजने का फैसला लिया गया था। TMC सांसद सागरिका घोष ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल
SIR क्या है?यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से अधिक उम्र के नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है, और मृत या स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। नाम और पते की गलतियों को भी ठीक किया जाता है।
कहां-कहां हुई SIR?पहले फेज में बिहार में हुई। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई।
कौन करता है?ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं।
वोटर को क्या करना होगा?SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह नाम है तो एक जगह से कटवाना होगा। नाम न होने पर जुड़वाने के लिए फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स देने होंगे।
SIR का मकसद?1951 से 2004 तक SIR हो चुका है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस दौरान मतदाता सूची में माइग्रेशन, दो जगह नाम होने, मृत्यु के बाद नाम रहने, विदेशी नागरिकों के नाम आने जैसी स्थितियों के कारण परिवर्तन जरूरी हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य वोटर छूटे नहीं और कोई अयोग्य मतदाता शामिल न हो।
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को देशभर में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हुए हैं। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ शामिल किए जा चुके हैं। बाकी 39 करोड़ को तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा।
Bhavanesh Soni