5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर से रोक हटी ; पर गैस संकट बरकरार

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5 दिन बाद  कमर्शियल LPG  सिलेंडर पर से  रोक हटी ; पर  गैस संकट  बरकरार

5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर से रोक हटी, पर देशभर में गैस संकट बरकरार

5 दिन के बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को घोषणा की कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण फिर से शुरू हो गया है। सरकार ने यह रोक 9 मार्च को लगाई थी।

गैस संकट जारी और जनजीवन पर असर

रोक हटने के बावजूद देशभर में कमर्शियल और घरेलू LPG दोनों सिलेंडरों का संकट गहराया हुआ है। उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब जैसे कई राज्यों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। उपभोक्ताओं को घंटों धूप में इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे कई जगहों पर सर्वर ठप होने और हंगामे की खबरें भी सामने आई हैं। फर्रुखाबाद (यूपी) और बरनाला (पंजाब) में लाइन में लगे दो बुजुर्गों की मौत भी हो गई। घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है, और कालाबाजारी के चलते सिलेंडर ₹4,000 तक में बेचे जा रहे हैं।

सरकार के कदम और वैकल्पिक व्यवस्था

सरकार ने सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने आपूर्ति की समीक्षा के लिए तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है और गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए देशभर में 'एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955' भी लागू किया है। इसके अलावा, घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव कर एक सिलेंडर मिलने के बाद दूसरा 25 दिन बाद ही बुक करने का नियम लागू किया गया है। डिलीवरी के लिए OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है और सभी ऑयल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के आदेश के बाद उत्पादन 28% बढ़ गया है।

गल्फ देशों से 92,700 टन LPG लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज 'शिवालिक' और 'नंदा देवी' होर्मुज रूट पार कर गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनके 16 या 17 मार्च तक पहुंचने की संभावना है। उम्मीद है कि इससे गैस की किल्लत में कमी आएगी।

दिल्ली-NCR में कचरे से बनी गैस के इस्तेमाल को मंजूरी

दिल्ली-NCR की इंडस्ट्रीज, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य संस्थाओं को एक महीने के लिए नेचुरल गैस की जगह बायोमास से बने पेलेट्स, खासकर रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) पेलेट्स के अस्थायी इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा जारी इस आदेश से कचरे का निपटारा भी होगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि RDF सूखे कचरे (नगर निगम और इंडस्ट्रीज से निकलने वाले प्लास्टिक, कागज, कपड़ा, लकड़ी) से बना एक तरह का ईंधन है।

व्यापार और दैनिक जीवन पर प्रभाव

कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी के कारण होटलों में 10% सरचार्ज लिया जा रहा है, और कई जगहों पर लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल किया जा रहा है या मेन्यू में कटौती की गई है। वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी का उपयोग बढ़ा है। इलेक्ट्रिक इंडक्शन हीटर की मांग कई गुना बढ़ गई है, जिससे इनके दाम भी बढ़े हैं। लकड़ी और कोयले की मांग भी बढ़ने से उनके दाम भी तेजी से ऊपर गए हैं। होटल-ढाबा संचालकों ने खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

हालिया मूल्य वृद्धि

7 मार्च को केंद्र सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये और 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये का इजाफा किया था, जिसके बाद से ही गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर डर बना हुआ था।

कुल मिलाकर, सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद, जमीन पर गैस संकट का सामना कर रहे लाखों लोगों की परेशानियां अभी भी बरकरार हैं।

Lokendra Mishra