500 करोड़ बयान पर घमासान, नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस से तत्काल सस्पेंड

· 1 min read
500 करोड़ बयान पर घमासान, नवजोत कौर सिद्धू कांग्रेस से तत्काल सस्पेंड

नवजोत कौर सिद्धू 500 करोड़ विवादित बयान के बाद कांग्रेस से निलंबित

पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने घोषणा की कि उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राइमरी सदस्यता से सस्पेंड किया गया है। यह कार्रवाई उनके हालिया विवादित बयान के बाद हुई, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर धनराशि से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे।

500 करोड़ वाले बयान से मचा राजनीतिक घमासान

डॉ. नवजोत कौर ने दो दिन पहले बयान दिया था कि अगर नवजोत सिंह सिद्धू को कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाता है तो वह पार्टी में सक्रिय हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे परिणाम दे सकते हैं और पंजाब को फिर से गोल्डन स्टेट बना सकते हैं।

अपने बयान में उन्होंने दावा किया कि फिलहाल कांग्रेस में हालात ऐसे हैं कि हर कोई मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में लगा है और पार्टी को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पास पैसे नहीं हैं और जो 500 करोड़ की अटैची देता है, उसी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाता है। यह बयान उन्होंने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात के बाद दिया था।

भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ का कांग्रेस पर हमला

डॉ. नवजोत कौर के आरोपों के बाद पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। जाखड़ ने कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनाने के कई पैमाने हैं, जिनमें से एक मानदंड सिख होना भी है, जिस पर नवजोत सिंह सिद्धू खरे उतरते हैं।

उन्होंने 2021 की स्थिति का जिक्र किया, जब कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद वे खुद भी मुख्यमंत्री चेहरे की दौड़ में थे। उस समय कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने पंजाब का मुख्यमंत्री किसी हिंदू को बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी।

पार्टी से अलग होकर भाजपा में शामिल नेता

लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुनील जाखड़ दोनों बाद में कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो चुके हैं। वर्तमान विवाद के बीच, नवजोत कौर सिद्धू के निलंबन ने पंजाब की राजनीति और कांग्रेस के अंदरूनी हालात पर नई बहस छेड़ दी है।

Pushpendra Chaubey