आजम खां ने अखिलेश यादव पर जताया भरोसा, बसपा में जाने की अटकलें खारिज
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां ने सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की और बसपा में शामिल होने की चर्चाओं को साफ शब्दों में नकारा।
अखिलेश के प्रति अटूट निष्ठा
आजम खां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि "अखिलेश मेरे अजीज हैं, मैं उनका भला और उनकी सरकार चाहता हूं।" उन्होंने अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव की "औलाद" बताते हुए कहा कि वे उनसे मुहब्बत करते हैं।
बसपा में जाने की अटकलों का खंडन
रिहाई के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि आजम खां समाजवादी पार्टी से नाराज हैं और बसपा का हाथ थाम सकते हैं। इस पर उन्होंने दो टूक कहा, "हम बिकाऊ माल नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि उनके पास "चरित्र" है, जिसे उन्होंने संभालकर रखा है।
मुकदमों और अन्य सवालों पर जवाब
आजम खां ने सपा सरकार बनने पर मुकदमे वापस लिए जाने की संभावनाओं पर कहा कि शायद इसकी जरूरत ही न पड़े, क्योंकि उनके खिलाफ आरोपों में दम नहीं है। उन्होंने एसटी हसन का टिकट कटवाने के सवाल को भी खारिज करते हुए कहा कि उनकी ऐसी कोई हैसियत नहीं है।
अटकलों पर विराम
आजम खां ने स्पष्ट किया कि वे सपा के प्रति वफादार हैं और बसपा के किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने कहा, "जिनका कार्यक्रम है, उन्हें मुबारक।" उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि "आग न लगाएं।"
आजम खां की इस स्पष्टता ने राजनीतिक अटकलों को शांत किया है और यह दिखाया है कि वे सपा के साथ ही जुड़े रहेंगे। उनकी यह टिप्पणी सपा के लिए एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।