चीन ने UN का बचाव, ट्रंप की आलोचना को बताया गलत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा संयुक्त राष्ट्र की तीखी आलोचना के बाद, चीन ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र का समर्थन किया। ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि UN अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई युद्धों को रुकवाया है, जबकि UN ने इसमें कोई भूमिका नहीं निभाई।
संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर चीन का जोर
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने ट्रंप की टिप्पणियों को खारिज करते हुए कहा कि पिछले 80 वर्षों में वैश्विक शांति और विकास में संयुक्त राष्ट्र का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि इस अशांत समय में संयुक्त राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा करना और उसकी भूमिका को बनाए रखना जरूरी है।
चीन का सहयोग और प्रतिबद्धता
चीन ने संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य और सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि चीन अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर संयुक्त राष्ट्र के मिशन को जीवित रखने और उसके अधिकार को पुनर्जीवित करने के लिए तैयार है। इसका उद्देश्य वैश्विक शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है।
ट्रंप ने अपनी आलोचना में कहा था कि संयुक्त राष्ट्र केवल सख्त शब्दों वाले पत्र भेजता है और उन पर कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने इसे "खोखले शब्द" करार दिया, जो युद्धों को हल करने में असमर्थ हैं।
चीन का यह कदम संयुक्त राष्ट्र के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और वैश्विक शांति को मजबूत करने की उसकी इच्छाशक्ति को दर्शाता है। भविष्य में, चीन और अन्य सदस्य देशों के प्रयास इस अंतरराष्ट्रीय संगठन की भूमिका को और प्रभावशाली बना सकते हैं।