आनंदपुर धाम पर सेक्स रैकेट और काले धन के गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले स्थित आनंदपुर धाम आश्रम पर कांग्रेस ने अवैध गतिविधियों, यौन शोषण और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आश्रम प्रबंधन और उससे जुड़े लोगों पर विस्तृत आरोपों की सूची सार्वजनिक की।
कांग्रेस का आरोप: सेक्स रैकेट, शोषण और मानव तस्करी की आशंका
प्रदीप अहिरवार के अनुसार, आनंदपुर धाम में सालों से अवैध गतिविधियां चल रही हैं और यहां युवकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आश्रम में देह व्यापार से जुड़ी गतिविधियां हो सकती हैं और पूरा मामला मानव तस्करी से भी जुड़ा हुआ प्रतीत होता है। अहिरवार ने कहा कि ट्रस्ट द्वारा आदिवासियों की जमीन और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है तथा 2025 में गौहत्या से जुड़ी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
तीन IAS अधिकारियों पर काले धन को सफेद करने का आरोप
कांग्रेस नेता ने IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल, अविनाश लवानिया और मयंक अग्रवाल पर आरोप लगाया कि वे आनंदपुर धाम ट्रस्ट के माध्यम से काले धन को सफेद करने में मदद कर रहे हैं। उनके मुताबिक ट्रस्ट की सालाना कमाई लगभग 800 करोड़ रुपए बताई जाती है, लेकिन इसका उचित हिसाब-किताब नहीं रखा जाता। उन्होंने दावा किया कि ये अधिकारी लगातार आनंदपुर धाम ट्रस्ट आते-जाते रहते हैं और स्थानीय पंचायतों के सरपंचों की शिकायतों के बावजूद उनके प्रभाव के कारण कार्रवाई नहीं हो रही है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया: कॉल रिसीव नहीं, आरोपों से अनभिज्ञता
मामले पर पक्ष जानने के लिए दैनिक भास्कर ने IAS अविनाश लवानिया से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं, मयंक अग्रवाल ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है और जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें वे नहीं जानते। उन्होंने यह भी कहा कि आनंदपुर धाम के बारे में भी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। विवेक अग्रवाल की प्रतिक्रिया का उल्लेख खबर में नहीं है।
कांग्रेस द्वारा जारी पांच वीडियो, भास्कर ने पुष्टि से इंकार किया
प्रदीप अहिरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांच वीडियो जारी किए, जिनमें से तीन वीडियो आपत्तिजनक बताए गए। एक वीडियो में एक युवक अश्लील हरकत करता दिख रहा है, जिसे अहिरवार ने आनंदपुर धाम का महात्मा बताया। दूसरे वीडियो में एक बाबा किसी से संबंध बनाते हुए दिखाई दे रहा है, जबकि तीसरे वीडियो में एक बाबा पलंग पर निर्वस्त्र बैठा नजर आता है। चौथे वीडियो में एक युवक एक बाबा पर गंभीर आरोप लगाता है और पांचवें वीडियो में एक महिला सेवादार आरोप लगाती है कि उनसे लड़कियां सौंपने को कहा गया।
ये सभी वीडियो करीब एक साल पुराने बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दैनिक भास्कर ने इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है और उनके दावों की सत्यता की जिम्मेदारी नहीं ली है।
वीडियो में युवक के आरोप: जबरन यौन शोषण और धमकियां
एक वीडियो में एक युवक अपना नाम और गांव बताते हुए आरोप लगाता है कि उसके साथ अवधेश भगत और फौजी भगत ने अत्याचार किया। युवक का कहना है कि उसे जबरन संबंध बनाने के लिए दबाव डाला जाता था और मना करने पर आश्रम से भगा देने की धमकी दी जाती थी।
युवक के अनुसार, उसने इन घटनाओं के वीडियो बनाए और ये वीडियो सुरेंद्र महात्मा और सोनू महात्मा को भेजे। वह आरोप लगाता है कि उसे अतिथि गृह बुलाकर उससे दस्तखत करवाए गए, जिनकी वजह उसे नहीं बताई गई। वह खुद को कम पढ़ा-लिखा बताते हुए कहता है कि उसे समझ नहीं आया कि उससे क्या लिखवाया गया। युवक का कहना है कि उसे धमकी दी गई कि यदि वह अपने माता-पिता को कुछ बताएगा तो उसे जान से मार दिया जाएगा।
युवक का दावा है कि वह आश्रम के लंगर में काम करता था और सुरेंद्र महात्मा ने उसके वीडियो वहां से मिटा दिए, हालांकि उसके पास अभी भी वीडियो मौजूद हैं। उसने कहा कि यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह आत्महत्या भी कर सकता है।
शिकायतों पर कार्रवाई का अभाव, न्यायिक जांच की मांग
अहिरवार ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन पर भी कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, जबकि पिछले पांच साल से लगातार शिकायतें की जा रही हैं।
कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को "डेरा सच्चा सौदा पार्ट-2" जैसा बताते हुए न्यायिक जांच की मांग रखी है। अहिरवार ने कहा कि वे इस मामले में जल्द ही हाईकोर्ट का रुख करेंगे ताकि उच्चस्तरीय जांच हो सके।
आनंदपुर धाम आश्रम: विशाल परिसर और सख्त सुरक्षा व्यवस्था
आनंदपुर धाम आश्रम, अशोक नगर जिला मुख्यालय से लगभग 42 किलोमीटर दूर चंदेरी रोड पर ईसागढ़ के पास स्थित है। लगभग 95 साल पहले एक छोटी टपरी से शुरू हुआ यह आश्रम अब करीब 1500 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है। आश्रम परिसर में तीन प्राइवेट बस स्टैंड, खुद की फायर ब्रिगेड और खूबसूरत गार्डन मौजूद हैं।
आश्रम की दीवारें किले के परकोटे की तरह ऊंची हैं और उनके ऊपरी हिस्से पर नुकीले कांच लगाए गए हैं, ताकि कोई दीवार फांदकर अंदर न घुस सके। मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं।
अनुयायियों का नेटवर्क और अद्वैत मत की पृष्ठभूमि
आनंदपुर धाम के अनुयायी भारत के अलावा विदेशों में भी फैले हैं, विशेष रूप से उन देशों में जहां भारतीय प्रवासी समुदाय मौजूद है, जैसे अमेरिका, कनाडा और यूनाइटेड किंगडम। कई अनुयायी औपचारिक रूप से पंजीकृत नहीं होते, इसलिए उनकी सटीक संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है। आश्रम प्रबंधन के पास भी स्पष्ट आंकड़े नहीं हैं, लेकिन वैशाखी पर लगने वाले मेले में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है।
यह आश्रम अद्वैत मत से जुड़ा है, जो हिंदू दर्शन की एक शाखा है। अद्वैत का शाब्दिक अर्थ दो का अभाव है और यह वेदांत दर्शन का रूप माना जाता है। इसके अनुसार, केवल एक ही सत्य है जिसे ब्रह्म कहा जाता है, जो निर्गुण, निराकार और सर्वव्यापी है। इस मत में आत्मा और ब्रह्म को एक ही माना जाता है, यानी आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है।
स्थापना का इतिहास और ट्रस्ट की भूमिका
परमहंस अद्वैत मत के संस्थापक परमहंस दयाल महाराज के आगरा में प्रवचन के दौरान ईसागढ़ के सेठ पन्नालाल मोदी ने उनसे ईसागढ़ आने का निवेदन किया था। बाद में लगभग 1930 के आसपास दूसरे गुरु स्वरूप आनंद महाराज ईसागढ़ आए और उन्होंने ही आनंदपुर धाम आश्रम की स्थापना की।
1954 में श्री आनंदपुर धाम ट्रस्ट की स्थापना हुई, जो आश्रम की चल-अचल संपत्ति की देखरेख और सुरक्षा करता है। ट्रस्ट के माध्यम से आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए स्कूल और अस्पताल भी संचालित किए जाते हैं।
संप्रदाय की जड़ें और प्रमुख धार्मिक स्थल
स्थानीय इतिहासकार हेमंत दुबे के अनुसार, यह संप्रदाय आजादी से पहले सिंध प्रांत में शुरू हुआ था। आजादी के बाद यह दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के क्षेत्रों में फैला और इन क्षेत्रों में इसके अधिक अनुयायी हैं। इस मत के चार गुरुओं की समाधि आनंदपुर धाम आश्रम में स्थित है और इनके मंदिर संगमरमर के बने हैं, जिन्हें ताजमहल की शैली से जोड़ा जाता है। इसी कारण यह स्थान संप्रदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
यहां सभी जाति और धर्म के लोग जुड़ सकते हैं, हालांकि अधिकतर अनुयायी बाहरी क्षेत्रों से आते हैं।
आश्रम प्रबंधन का पक्ष और सामाजिक गतिविधियां
आनंदपुर धाम के महात्मा सोनू महाराज के अनुसार, आश्रम का दरबार सभी धर्मों और जातियों के लिए खुला है। उनके मुताबिक आश्रम में साधु, साध्वी और भगत सहित लगभग 1500 लोग रहते हैं। इनमें से कुछ प्रचारक देशभर में घूमकर मत का प्रचार करते हैं। वैशाखी, व्यास पूजा और दीपावली आश्रम के प्रमुख उत्सव हैं।
आश्रम ट्रस्ट जिले में तीन स्कूल और एक अस्पताल संचालित करता है। दावा किया जाता है कि बच्चों की पढ़ाई, ड्रेस और भोजन निःशुल्क है, तथा अस्पताल में इलाज और दवाइयां भी मुफ्त दी जाती हैं।
राजनीतिक और कानूनी स्तर पर अगला कदम
कांग्रेस के आरोपों के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा में है। अहिरवार ने स्पष्ट किया है कि वे न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। फिलहाल सरकारी एजेंसियों द्वारा किसी आधिकारिक जांच या कार्रवाई का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं है।
रिपोर्ट यह भी स्पष्ट करती है कि मीडिया संस्थान ने आरोपों और वीडियो की स्वतंत्र जांच नहीं की है और इन्हें केवल कांग्रेस द्वारा किए गए दावों के रूप में प्रस्तुत किया है। आगामी दिनों में सरकार, प्रशासन और न्यायपालिका की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर इस मामले की दिशा निर्भर करेगी।
Sharad Shrivastava