चांदी 3 लाख रुपए प्रति किलो के पार, सोना भी रिकॉर्ड स्तर के नजदीक
कमोडिटी बाजार में चांदी और सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 19 जनवरी को चांदी पहली बार 3 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इसके साथ ही सोने ने भी 2025 में बड़ी तेजी दिखाई है और ऑलटाइम हाई स्तर के आसपास बना हुआ है।
एक महीने में चांदी 2 लाख से 3 लाख रुपए पर
MCX पर चांदी की कीमत में 14 हजार रुपए से ज्यादा की तेजी दर्ज हुई और यह लगभग 3 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंची, जबकि शुक्रवार को यह करीब 2.87 लाख रुपए थी। 15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर गई थी। यानी 2 लाख से 3 लाख तक पहुंचने में सिर्फ 1 महीने का समय लगा।
इसके मुकाबले चांदी को 1 लाख से 2 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंचने में 9 महीने लगे थे, जबकि 50 हजार से 1 लाख तक पहुंचने में करीब 14 साल लगे। कुछ अनुमानों में यह भी कहा जा रहा है कि अगर मौजूदा रुझान जारी रहा तो 2026 में चांदी की कीमतें 4 लाख रुपए प्रति किलो तक जा सकती हैं।
चांदी की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण
इंडस्ट्रियल डिमांड में जबरदस्त बढ़ोतरी
चांदी अब केवल गहनों तक सीमित धातु नहीं रह गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टरों में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी पर बढ़ते फोकस की वजह से चांदी की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है।
सप्लाई में कमी और खनन की चुनौतियां
चांदी की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उस अनुपात में खदानों से उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। कई देशों में कड़े पर्यावरण नियमों के चलते प्लान्ड माइनिंग कम हो गई है।
इसके अलावा लगभग 70% चांदी, कॉपर और जिंक जैसी दूसरी धातुओं की खुदाई के दौरान बाय-प्रोडक्ट के रूप में निकलती है। ऐसे में जब तक तांबे आदि की माइनिंग नहीं बढ़ती, चांदी की सप्लाई में बड़ा इजाफा संभव नहीं माना जा रहा। डिमांड और सप्लाई के इस अंतर के कारण बाजार में चांदी की कमी बनी हुई है, जो कीमतों को ऊपर धकेल रही है।
सुरक्षित निवेश का विकल्प बनने लगी चांदी
दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के माहौल में कई निवेशक शेयर बाजार की तुलना में सोने और चांदी जैसे सेफ हेवन एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। इससे भी चांदी की डिमांड में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं। जब डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है, तो आमतौर पर चांदी और अन्य कमोडिटी की कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। वर्तमान में डॉलर इंडेक्स (DXY) 109 के ऊंचे स्तर से गिरकर लगभग 98 के आसपास आ गया है, जिसका असर भी चांदी के दामों में दिख रहा है।
चांदी में निवेश के लोकप्रिय तरीके
चांदी में निवेश के लिए निवेशकों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें से तीन प्रमुख तरीके इस प्रकार हैं:
1. फिजिकल सिल्वर
यह सबसे सीधा और पारंपरिक तरीका है। निवेशक बाजार से चांदी के सिक्के या बार खरीद सकते हैं। इसमें चोरी और शुद्धता का जोखिम रहता है, इसलिए BIS हॉलमार्क्ड चांदी खरीदने की सलाह दी जाती है। फिजिकल चांदी, जानी-मानी ज्वेलरी दुकानों, बैंकों और कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से खरीदी जा सकती है।
2. सिल्वर ईटीएफ
सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) चांदी की कीमतों पर आधारित होते हैं। इनका मूल्य चांदी के भाव के साथ बढ़ता या घटता है। ये स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह ट्रेड होते हैं और इन्हें खरीदने के लिए डिमैट अकाउंट जरूरी है। इस विकल्प में चोरी या शुद्धता से जुड़ी चिंता नहीं रहती, क्योंकि निवेश भौतिक चांदी की होल्डिंग के बजाय यूनिट्स के रूप में होता है।
3. सिल्वर फ्यूचर्स
सिल्वर फ्यूचर्स में निवेशक एक कॉन्ट्रैक्ट के जरिए यह तय करते हैं कि भविष्य की किसी तारीख पर किस कीमत पर चांदी खरीदेंगे या बेचेंगे। यह ट्रेडिंग MCX जैसे कमोडिटी एक्सचेंजों पर होती है। इसमें मार्जिन के जरिए कम पूंजी लगाकर अधिक मूल्य की चांदी पर पोजिशन ली जा सकती है, लेकिन लीवरेज के कारण जोखिम भी काफी अधिक होता है।
सोना भी ऑलटाइम हाई के नजदीक
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज उछाल देखा जा रहा है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलरी एसोसिएशन के अनुसार 24 कैरेट शुद्धता वाला सोना 540 रुपए बढ़कर 1,32,317 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले यह 1,41,593 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। 14 जनवरी को सोना 1,42,152 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचकर अपना ऑलटाइम हाई बना चुका है।
2025 में सोना 75% महंगा
पिछले वर्ष के दौरान सोने की कीमतों में भी बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। यानी साल भर में सोने की कीमत में 57,033 रुपए, यानी करीब 75% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
शेयर बाजार में भारत कोकिंग कोल की दमदार लिस्टिंग
कमोडिटी के साथ-साथ इक्विटी मार्केट में भी हलचल दिखी। भारत कोकिंग कोल (BCCL) की शेयर बाजार में 19 जनवरी को मजबूत लिस्टिंग हुई। कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 45 रुपए पर लिस्ट हुआ, जो इसके 23 रुपए के इश्यू प्राइस से 95.65% ज्यादा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसकी लिस्टिंग 45.21 रुपए पर हुई।
चांदी और सोने में आई तेज तेजी, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और शेयर बाजार में चुनिंदा कंपनियों की मजबूत लिस्टिंग से संकेत मिलता है कि निवेशकों का रुझान सुरक्षित और आकर्षक रिटर्न देने वाली एसेट क्लास की ओर बना हुआ है। आगे कीमतें किस दिशा में जाएंगी, यह वैश्विक आर्थिक माहौल, भू-राजनीतिक स्थिति और कमोडिटी की वास्तविक मांग-सप्लाई पर निर्भर करेगा।
Pushpendra Chaubey