AI समिट में कांग्रेस का हंगामा, भाजपा का देशव्यापी विरोध: राहुल गांधी को दिखाए गए काले झंडे
शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 में इंडियन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हंगामे के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने देशव्यापी प्रदर्शन किया। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
AI समिट में कांग्रेस का प्रदर्शन और गिरफ्तारी
20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए AI समिट के दौरान, यूथ कांग्रेस के लगभग 15-20 कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। इन कार्यकर्ताओं ने 'PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड' लिखी हुई टी-शर्ट पहनी थीं, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें थीं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं, जिनमें कृष्णा हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिम्हा यादव शामिल हैं, को गिरफ्तार कर पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया।
सरकारी वकील ने कोर्ट में बताया कि आरोपियों ने देश विरोधी नारे लगाए और पीएम के खिलाफ संदेश वाली टी-शर्ट पहनी थी। दिल्ली पुलिस ने जांच के लिए पांच दिन की कस्टडी की मांग करते हुए कहा कि आरोपियों ने इंटरनेशनल नेताओं की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए और फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उनकी कस्टडी जरूरी है। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हुए और फंडिंग की जांच के लिए मोबाइल फोन बरामद करने हैं। वहीं, आरोपियों के वकील ने इसे राजनीतिक कदम बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का इस्तेमाल किया है और किसी वीडियो में हिंसा नहीं दिखी है। कोर्ट ने कस्टडी और बेल अर्जी पर आदेश सुरक्षित रखा है।
भाजपा का देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन
AI समिट में कांग्रेस के हंगामे के विरोध में भाजपा ने देशभर में जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय के बाहर 'कांग्रेस-राहुल गांधी=गद्दार' और 'देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे' के पोस्टर लेकर विरोध जताया। मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए, जब वे भिवंडी कोर्ट में 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान आरएसएस पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में पेशी के लिए जा रहे थे। गुजरात के सूरत में कांग्रेस का पुतला जलाया गया, और जम्मू-कश्मीर व राजस्थान के जयपुर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किए। जयपुर में पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेड्स लगाने पड़े।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के इस कृत्य की कड़ी निंदा की। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि कांग्रेस ने देश विरोधी काम किया है जिसे भारत के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन बताया। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी जिसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर सोनिया और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में की गई थी। तेलंगाना के भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष गणेश कुंडे ने भी कांग्रेस पर देश के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया।
AI समिट की पृष्ठभूमि
इंडिया AI इंपैक्ट समिट 2026, 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होना था, जिसे भीड़ और आयोजनों के कारण 21 फरवरी तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को इस समिट का उद्घाटन किया था। इस समिट में दुनियाभर की कंपनियों ने अपने नवीनतम AI समाधानों को प्रस्तुत किया, जिसमें दिखाया गया कि AI वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है और भविष्य में कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाएगा।
इस समिट की थीम 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी का सुख) थी, जिसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना था। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, 60 से अधिक मंत्रियों और 45 से अधिक तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों ने भाग लिया। इस समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी को एक चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताने के आरोप में एक्सपो से बाहर कर दिया गया।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में प्रवेश किया था। उन्होंने स्वेटर और जैकेट के नीचे टी-शर्ट पहनी हुई थीं, जिन्हें हॉल नंबर 5 के पास उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस के अनुसार, तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, लोक सेवक को चोट पहुंचाना, उन पर हमला करना और काम में बाधा डालना शामिल है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पहले प्रदर्शनकारियों ने काले छातों पर स्टिकर लगाकर घुसने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में टी-शर्ट का इस्तेमाल किया। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, इसकी जांच जारी है।
अन्य राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि देश में आक्रोश है, लेकिन इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था। इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और देश के युवाओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे, चाहे भाजपा किसी भी हद तक जाए।
AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद, शुक्रवार शाम को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता राहुल गांधी के घर के बाहर भी प्रदर्शन करने पहुंचे, जहां उन्होंने 'राहुल गांधी मुर्दाबाद' के नारे लगाए और उनके पोस्टर जलाए। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
Arvind Vishwakarma