मध्य प्रदेश में आज होगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन, साफ होगी मतदाताओं की तस्वीर
मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शनिवार को मतदाताओं की अंतिम स्थिति साफ हो जाएगी। जिलों में निर्वाचन अधिकारी संशोधित मतदाता सूची का प्रकाशन करेंगे, जिससे प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या और पूरी जानकारी उपलब्ध होगी। यह प्रक्रिया नाम जोड़ने, हटाने और दावे-आपत्तियों के निराकरण के बाद संपन्न हुई है।
लाखों मतदाताओं के नाम काटे गए
एसआईआर (SIR) की कार्यवाही के दौरान पूरे प्रदेश से 42 लाख 74 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों से कुल 8 लाख 20 हजार 255 नाम काटे गए थे।
भोपाल जिले की गोविंदपुरा विधानसभा सीट से सर्वाधिक 97052 मतदाताओं के नाम काटे गए, जिसकी विधायक मंत्री कृष्णा गौर हैं। इसके बाद इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया के क्षेत्र से 87591 और मंत्री विश्वास सारंग के नरेला क्षेत्र से 81235 नाम हटाए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उज्जैन दक्षिण सीट से 37728 मतदाताओं के नाम कटे, जबकि विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के दिमनी विधानसभा क्षेत्र से 13920 नाम हटाए गए। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की गंधवानी सीट से 14712 नाम काटे गए थे।
नए नाम जोड़ने के लिए आए आवेदन
नाम काटने की तुलना में नए नाम जोड़ने के लिए कम आवेदन प्राप्त हुए। पूरे प्रदेश में नए नाम जोड़ने के लिए 9 लाख 89 हजार 991 आवेदन जमा किए गए थे। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के क्षेत्र में 8.2 लाख नाम काटे जाने के बाद, केवल 1 लाख 69 हजार 753 नए आवेदन प्राप्त हुए।
नए नाम जोड़ने के लिए सर्वाधिक आवेदन गोविंदपुरा विधानसभा सीट से आए, जहां 17888 आवेदन जमा हुए। मंत्री विश्वास सारंग की नरेला सीट से 15115 और भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से 13024 आवेदन प्राप्त हुए। इंदौर जिले में इंदौर 2 से 10446 और इंदौर 5 से 11040 आवेदन मिले।
सबसे कम आवेदन वाले विधानसभा क्षेत्र
नए नाम जोड़ने के लिए सबसे कम आवेदन छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र से आए, जिनकी संख्या 1138 थी। बीना विधानसभा क्षेत्र से भी 1288 आवेदन ही जमा हुए। इसके अतिरिक्त, टिमरनी (1463), भगवानपुरा (1556), रतलाम ग्रामीण (1629), जावद (1649), मलहरा (1742), अनूपपुर (1750), शमशाबाद (1781), भीकनगांव (1794), बदनावर (1799), बड़वाह (1838) और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र (1934) से भी दो हजार से कम आवेदन प्राप्त हुए थे।
आज मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के साथ ही मध्य प्रदेश में मतदाताओं की संख्या और उनकी भौगोलिक स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी।
Satyam Tripathi