AI समिट में कांग्रेस के हंगामे के खिलाफ भाजपा का देशभर में प्रदर्शन, 4 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस रिमांड पर
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हंगामे के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को देशभर में प्रदर्शन किया। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, तेलंगाना और जम्मू-कश्मीर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। दिल्ली में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने 'कांग्रेस+राहुल गांधी=गद्दार' और 'देशद्रोही राहुल गांधी माफी मांगे' जैसे पोस्टर लेकर विरोध जताया। मुंबई के मुलुंड में भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए, जबकि गुजरात के सूरत और बिहार के पटना में कांग्रेस का पुतला जलाया गया। जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध दर्ज कराया। बाद में, भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के बाहर भी जमा हुए, जहां उन्होंने नारे लगाए और उनके पोस्टर जलाए, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन और गिरफ्तारी
20 फरवरी को दिल्ली के भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी 10 से अधिक कार्यकर्ता सफेद रंग की टी-शर्ट पहने हुए थे, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें थीं और उस पर 'PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड' लिखा हुआ था। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इनमें बिहार से IYC के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि, बिहार में IYC स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश में IYC स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।
पुलिस रिमांड और अदालती कार्यवाही
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को दिल्ली के पटियाला कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत को बताया कि ये सभी नेपाल के 'Gen-Z आंदोलन' से प्रेरित थे और उनका प्रदर्शन एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। पुलिस ने जांच के लिए पांच दिन की रिमांड की मांग की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे वाली टी-शर्ट किसने प्रिंट कराई थी और उनके मोबाइल फोन से अन्य सबूत बरामद किए जा सकें। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने देश विरोधी नारे लगाए थे, जिससे तीन पुलिसकर्मी घायल हुए थे और अंतर्राष्ट्रीय नेताओं व टेक इंडस्ट्री के विशेषज्ञों की मौजूदगी में हंगामा किया गया था।
आरोपियों के वकील ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि वे राजनीतिक दल से जुड़े हैं और उन्होंने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल किया था। वकील ने कहा कि किसी भी वीडियो में कोई हिंसा नहीं दिखी और एफआईआर एक राजनीतिक चाल से ज्यादा कुछ नहीं है। हालांकि, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवि ने सभी चार आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराकर और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में प्रवेश किया था। वे स्वेटर और जैकेट पहनकर आए थे और अंदर टी-शर्ट छिपाई हुई थीं, जिन्हें उन्होंने हॉल नंबर 5 के पास उतारकर प्रदर्शन किया। तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और AI समिट का महत्व
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के इस कृत्य की कड़ी निंदा की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसे कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन बताया, जबकि सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि यह राहुल गांधी के आवास पर सोनिया और प्रियंका की मौजूदगी में एक सुनियोजित "प्रयोग" था। भाजपा नेता तरुण चुघ ने कहा कि कांग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय समिट में भारत की छवि धूमिल की है, जो अक्षम्य है। वहीं, राजद सांसद मनोज झा ने विरोध प्रदर्शन को गलत ठहराया, जबकि इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि वे राहुल गांधी के सिपाही हैं और युवाओं के लिए आवाज उठाते रहेंगे।
यह इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 21 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को इसका उद्घाटन किया था। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की थीम पर आधारित इस समिट का उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांतों को बढ़ावा देना था। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 से अधिक मंत्री और 45 से अधिक तकनीकी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए थे। समिट में Galgotia University को चीनी रोबोट को अपना प्रोजेक्ट बताने के आरोप में एक्सपो से बाहर कर दिया गया था।
Amit Pateria