अजित पवार के पुत्र पर जमीन घोटाले में जांच के आदेश
महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार से जुड़ी कंपनी पर सरकारी जमीन के गलत हस्तांतरण का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
40 एकड़ सरकारी जमीन का मामला
पुणे के मुंधवा क्षेत्र में 40 एकड़ की सरकारी जमीन, जो 'वतन' श्रेणी में आरक्षित थी, पार्थ पवार और उनके साझेदार दिग्विजय पाटिल की कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेस को मात्र 300 करोड़ रुपये में सौंप दी गई। इस जमीन पर स्टाम्प शुल्क भी माफ किया गया है।
जांच समिति और निलंबन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मामले को गंभीर बताते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खड़गे करेंगे। तहसीलदार सूर्यकांत येवाले और उप-पंजीयक रवींद्र तारू को निलंबित कर दिया गया है। पंजीकरण महानिरीक्षक ने भी जांच के लिए एक अलग समिति बनाई है।
अजित पवार का बयान
अजित पवार ने अपने पुत्र की कंपनी के सौदे से खुद को अलग करते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जांच के आदेश का स्वागत किया और कहा कि वे किसी भी गैरकानूनी काम का समर्थन नहीं करते हैं।
अगली कार्रवाई की प्रतीक्षा
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
Amit Pateria