अजरबैजान-भारत संबंधों में बढ़ता तनाव
अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह अजरबैजान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संगठनों में कदम उठा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत, पाकिस्तान के साथ उनके संबंधों के चलते एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) में अजरबैजान की पूर्ण सदस्यता का विरोध कर रहा है।
एससीओ में अजरबैजान की सदस्यता पर विवाद
अजरबैजान के राष्ट्रपति चीन के तियानजिन में एससीओ की बैठक में शामिल होने पहुंचे, जहां उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत का रुख अजरबैजान के प्रति विरोधी है। अजरबैजान लंबे समय से एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत इसका विरोध कर रहा है।
भारत-चीन के बीच मतभेद
चीन ने अजरबैजान की सदस्यता का समर्थन किया है, जबकि भारत ने इसे रोकने की कोशिश की है। अजरबैजान का दावा है कि भारत का यह रुख बहुपक्षीय सिद्धांतों के खिलाफ है। अजरबैजान और भारत के बीच संबंध तब से तनावपूर्ण हैं जब मई में अजरबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया।
इस बीच, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अजरबैजान की सदस्यता को लेकर समर्थन व्यक्त किया है। एससीओ के मौजूदा सदस्य देशों में भारत, चीन, रूस, और पाकिस्तान शामिल हैं।
यह विवाद भारत-अजरबैजान संबंधों में बढ़ते तनाव को दर्शाता है, जबकि चीन का समर्थन इसे और जटिल बना रहा है। भविष्य में एससीओ में अजरबैजान की सदस्यता को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।