सुप्रीम कोर्ट में सिंधिया-इंदौर विवाद सुलझा

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सुप्रीम कोर्ट  में सिंधिया-इंदौर विवाद सुलझा

सुप्रीम कोर्ट में सिंधिया-इंदौर राजघराने का विवाद सुलझा

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने और इंदौर राजघराने के बीच वर्षों से चल रहा विवाह विवाद आखिरकार सुप्रीम कोर्ट में सुलझ गया है। सरदार आंग्रे की पोत्री कात्यायनी आंग्रे और अर्जुन काक ने आपसी सहमति से अपने तलाक के मामले को निपटाने का निर्णय लिया।

सहमति के तहत आर्थिक निपटान

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान, यह तय हुआ कि अर्जुन काक कात्यायनी को 2.25 करोड़ रुपए का भुगतान करेंगे। इसमें से 1 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट पहले ही 25 अगस्त को सौंप दिया गया था। शेष राशि 30 नवंबर 2025 तक दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, अर्जुन काक ने कात्यायनी के परिवार से मिले उपहार लौटाने की सहमति दी, जबकि कात्यायनी अर्जुन से मिले उपहार अपने पास रखेंगी।

विवाद के प्रमुख कारण

इस विवाद की शुरुआत 2019 में हुई, जब अर्जुन ने हाईकोर्ट में विवाह प्रमाण पत्र को निरस्त करने की याचिका दायर की। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए प्रमाण पत्र को अमान्य घोषित किया। इसके अलावा, कात्यायनी ने अर्जुन और उनके परिवार पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था, जिसमें रॉल्स रॉयस कार और मुंबई में फ्लैट की मांग का उल्लेख किया गया था।

मध्यस्थता प्रयास विफल

इससे पहले, अगस्त 2023 में मध्यस्थता के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कात्यायनी द्वारा 36 करोड़ रुपए और संपत्ति में हिस्सेदारी की मांग के कारण यह प्रयास विफल हो गया। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा, जहां दोनों पक्षों ने सहमति से विवाद को सुलझा लिया।

इस निर्णय के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। यह मामला अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है, जिससे दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव का अंत हुआ।