अमेरिका ने EU से रूसी तेल पर टैरिफ लगाने की अपील
अमेरिका ने यूरोपीयन यूनियन से आग्रह किया है कि वे रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाए। यह कदम रूस पर दबाव बढ़ाने और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सदस्य देशों को संबोधित पत्र में कहा कि रूस पर बड़े प्रतिबंध तभी कारगर होंगे जब सभी सदस्य देश एकजुट होकर रूसी तेल खरीदना बंद करें।
चीन ने जताई आपत्ति
इससे इतर, चीन ने अमेरिका के इस प्रस्ताव पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपनी स्लोवेनिया यात्रा के दौरान कहा कि बीजिंग युद्धों की साजिश नहीं करता और न ही उनमें भाग लेता है। उन्होंने आर्थिक प्रतिबंधों को समस्याओं को और जटिल बनाने वाला बताया। चीन रूस का प्रमुख तेल खरीदार है और उसने 2024 में रिकॉर्ड 109 मिलियन टन तेल आयात किया है।
जी-7 देशों से सामूहिक कार्रवाई की अपील
अमेरिका ने जी-7 देशों से भी अपील की है कि वे भारत और चीन पर टैरिफ लगाकर रूस पर दबाव बढ़ाएं। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि केवल एकजुट प्रयास से ही रूस की अर्थव्यवस्था को कमजोर किया जा सकता है और यूक्रेन युद्ध को समाप्त किया जा सकता है।
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत में कहा कि दोनों देशों को साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिए और सहयोग बनाए रखना चाहिए। हालांकि, अमेरिका का दावा है कि चीन की तेल खरीद रूस को यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग प्रदान कर रही है।
अमेरिका के इस प्रस्ताव से वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य पर नए विवाद खड़े हो सकते हैं। भविष्य में इस अपील पर यूरोपीयन यूनियन और जी-7 देशों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।