वन नेशन, वन इलेक्शन पर विजय का बीजेपी-DMK पर हमला

· 1 min read
वन नेशन, वन इलेक्शन पर विजय का बीजेपी-DMK पर हमला

वन नेशन, वन इलेक्शन पर विजय का बीजेपी और डीएमके पर हमला

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में तमिलागा वेत्रि कज़गम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता विजय ने अपने राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत अरियालुर शहर से की। शनिवार को उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और डीएमके सरकार पर तीखे प्रहार किए।

वन नेशन, वन इलेक्शन का विरोध

विजय ने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि यह योजना लागू होती है, तो केंद्र सरकार को अत्यधिक शक्ति मिल जाएगी और राज्यों की स्वायत्तता खत्म हो सकती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि भारत की संघीय व्यवस्था इस प्रस्ताव से कमजोर होगी। राज्यों के अलग-अलग चुनावी अधिकार उनके विशेष अधिकार और पहचान को बनाए रखते हैं, और इसे समाप्त करना सही नहीं होगा।

डिलिमिटेशन पर आलोचना

डिलिमिटेशन योजना पर विजय ने कहा कि इससे राजनीतिक दलों के बीच असमान प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों में। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना विपक्षी दलों को कमजोर करने के उद्देश्य से बनाई गई है। विजय ने दक्षिण भारत के राज्यों को इससे होने वाले संभावित नुकसान का भी जिक्र किया।

डीएमके सरकार पर निशाना

विजय ने वर्तमान डीएमके सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि डीएमके ने अपने 500 से अधिक वादे पूरे नहीं किए हैं। विजय ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है।

विजय ने अपने भाषण में बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां 60 लाख मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब हो गए, जिसे उन्होंने केंद्र सरकार की क्रूरता करार दिया।

निष्कर्ष

विजय के तीखे बयान और आलोचनाएं इस बात का संकेत हैं कि तमिलनाडु में आगामी चुनावों में 'वन नेशन, वन इलेक्शन' और डिलिमिटेशन जैसे मुद्दे प्रमुख बन सकते हैं। उनका अभियान राज्य की राजनीति में नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।