अमेरिका ने पाकिस्तान से दोस्ती पर दी सफाई
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करना चाहता है लेकिन यह भारत के साथ अच्छे संबंधों की कीमत पर नहीं होगा। उन्होंने भारतीय विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा कि भारत समझता है कि अमेरिका को कई देशों के साथ संबंध बनाए रखने होते हैं।
पाकिस्तान के साथ रणनीतिक दोस्ती की बात
रुबियो ने बताया कि अमेरिका और पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ पहले से ही मिलकर काम करते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, पाकिस्तान के साथ रणनीतिक दोस्ती फिर से बनाना चाहता है और यह भारत के साथ दोस्ती को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने जोर दिया कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के बावजूद, अमेरिका का मकसद है कि जितने अधिक देशों के साथ हो सके, दोस्ती के रास्ते तलाशे जाएं।
पाकिस्तान का बलूचिस्तान में पोर्ट प्रस्ताव
पाकिस्तानी सेना प्रमुख के सलाहकारों ने अमेरिका को बलूचिस्तान में एक नया पोर्ट बनाने का प्रस्ताव दिया है। यह पोर्ट व्यापार और खनिजों के लिए होगा, लेकिन यहां सैन्य बेस बनाने की अनुमति नहीं होगी। पासनी में प्रस्तावित यह बंदरगाह चीन के ग्वादर पोर्ट से मात्र 112 किमी दूर होगा और अमेरिकी निवेशकों को पाकिस्तान के महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंच प्रदान करेगा।
अमेरिका-पाकिस्तान व्यापार और रणनीतिक रिश्ते
2024 में अमेरिका और पाकिस्तान के बीच व्यापार 10.1 अरब डॉलर तक पहुंचा। अमेरिका ने पाकिस्तान को चीन से दूर रखने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं, पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें बलूचिस्तान में पोर्ट प्रस्ताव भी शामिल है।
अमेरिका ने साफ किया है कि पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बढ़ाने का उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को बढ़ावा देना है, लेकिन यह भारत के साथ उसके अच्छे संबंधों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
Faraz Khan