अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास को दिया अंतिम अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा में शांति स्थापित करने के लिए हमास को 3 से 4 दिनों का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर हमास इस डील को स्वीकार नहीं करता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। ट्रंप ने यह बयान एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया, जिसमें उन्होंने 20-पॉइंट प्लान का खाका भी पेश किया।
अरब और मुस्लिम देशों की सहमति
इस डील को लेकर अरब और मुस्लिम देशों ने सकारात्मक रुख अपनाया है। सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, कतर, इंडोनेशिया, तुर्की, पाकिस्तान और मिस्र के नेताओं ने इस योजना का स्वागत किया है। इन देशों का मानना है कि यह डील क्षेत्रीय शांति का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है। इसके अलावा, इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस योजना पर सहमति जताई है।
डील की मुख्य शर्तें
डील की शर्तें बेहद स्पष्ट और कठोर रखी गई हैं। इसमें हमास के सशस्त्र विंग को पूरी तरह से हथियार छोड़ने और उसकी सुरंगों तथा हथियार निर्माण की सुविधाओं को नष्ट करने की बात कही गई है। भविष्य में हमास को किसी भी राजनीतिक भूमिका से वंचित रखा जाएगा। जो सदस्य शांतिपूर्ण जीवन अपनाने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए तैयार होंगे, उन्हें माफी दी जा सकती है।
इस योजना के तहत इजराइल की सेना धीरे-धीरे गाजा से पीछे हटेगी और मानवीय सहायता के लिए सीमाएं खोली जाएंगी। इसके अलावा, हमास को 20 जीवित बंधकों को रिहा करना होगा और 72 घंटे के अंदर मृतकों के शव सौंपने होंगे।
हमास की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
अब सारी निगाहें हमास की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। अगर हमास इस डील को स्वीकार नहीं करता है तो इजराइल को गाजा में सैन्य कार्रवाई का पूरा अधिकार होगा और अमेरिका इसका समर्थन करेगा। ट्रंप ने कहा कि इस योजना का लक्ष्य गाजा में स्थिरता लाना, विस्फोटक उपकरणों को हटाना और एक स्थिर नागरिक प्रशासन स्थापित करना है।
मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद
यह डील सिर्फ गाजा का मामला नहीं है, बल्कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिरता लाने का एक प्रयास है। ट्रंप ने कहा कि यह एक अभूतपूर्व कार्य है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि हमास क्या फैसला लेता है।
यह डील क्षेत्रीय शांति और सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है, बशर्ते सभी पक्ष इसे ईमानदारी से लागू करें।