डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी शहरों को सैन्य प्रशिक्षण मैदान बनाने का दिया सुझाव
डोनाल्ड ट्रंप ने वर्जीनिया के मरीन कॉर्प्स बेस क्वांटिको में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में कई विवादास्पद बयान दिए। उन्होंने अमेरिकी शहरों में बढ़ते अपराध को 'आंतरिक युद्ध' करार देते हुए, इन शहरों को सैन्य प्रशिक्षण के लिए उपयोग करने का सुझाव दिया।
खतरनाक शहरों को सैन्य प्रशिक्षण का मैदान बनाने की बात
ट्रंप ने अपने भाषण में शिकागो और पोर्टलैंड जैसे शहरों का उदाहरण दिया, जहां बढ़ते अपराध से स्थिति खतरनाक हो गई है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि हमें ऐसे शहरों को सेना के प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल करना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि इन शहरों में 'आंतरिक दुश्मनों', जैसे अपराधियों और अवैध अप्रवासियों, के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
रक्षा सचिव की घोषणाएं
बैठक में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी अपनी राय रखी। उन्होंने सैन्य मानकों को सख्त बनाने और 'वोक' संस्कृति की आलोचना की। उन्होंने विविधता प्रयासों को 'पागलपन' करार दिया और कहा कि सैन्य फिटनेस मानकों को केवल पुरुषों के स्तर तक सीमित रखना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस का नाम बदलकर 'डिपार्टमेंट ऑफ वॉर' करने का समर्थन भी किया।
रूस और मीडिया पर टिप्पणियां
ट्रंप ने अपने भाषण में रूस के परमाणु खतरे को हल्के में लिया और मीडिया को भ्रष्ट करार दिया। उन्होंने असहमत अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे इस्तीफा देकर चले जाएं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने दुनिया भर के सात युद्ध समाप्त किए हैं।
राजनीतिक रंग
ट्रंप के भाषण में सीमा सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने अमेरिका के बाहरी खतरों के साथ-साथ आंतरिक खतरों को भी समान रूप से गंभीर बताया। उनका कहना था कि हमें अपनी सीमाओं को मजबूत बनाने और आंतरिक शत्रुओं को नियंत्रित करने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।
इस बैठक में लगभग 800-1000 सैन्य अधिकारी मौजूद थे, जिन्हें दुनिया भर से बुलाया गया था।
डोनाल्ड ट्रंप का यह भाषण उनके आगामी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।