अमित शाह का बस्तर दौरा: बस्तर ओलंपिक समापन और नक्सलवाद पर संभावित बड़ा ऐलान
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज छत्तीसगढ़ के बस्तर दौरे पर हैं। वे रायपुर में भारतीय जनता पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने के बाद जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में शामिल होंगे। इसी मंच से बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही है।
रायपुर में बैठक, फिर जगदलपुर के लिए रवाना
निर्धारित कार्यक्रम के तहत अमित शाह शुक्रवार रात रायपुर पहुंच चुके हैं। शनिवार को वे सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक रायपुर में बीजेपी नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बैठक के बाद अमित शाह जगदलपुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 2:35 बजे वे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और लगभग 2:45 बजे इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। यहां वे बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में भाग लेंगे और विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित करेंगे।
नक्सलवाद पर समीक्षा और सरेंडर नक्सलियों से मुलाकात
जगदलपुर प्रवास के दौरान अमित शाह की नक्सल समस्या पर उच्चस्तरीय समीक्षा भी मानी जा रही है। वे कार्यक्रम के दौरान सरेंडर किए गए नक्सलियों से मुलाकात करेंगे और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्यों से भी संवाद कर सकते हैं।
शाह शाम तकरीबन 4:45 बजे तक jagdalpur में रहेंगे और फिर 4:55 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। यह एक महीने के भीतर उनका छत्तीसगढ़ का तीसरा दौरा है। इससे पहले वे राज्योत्सव और ऑल इंडिया DGP-IG कॉन्फ्रेंस में शामिल होने रायपुर आए थे, जहां हर बार उन्होंने नक्सल एनकाउंटर और सुरक्षा रणनीति की समीक्षा की है।
बस्तर ओलंपिक में युवाओं और पूर्व नक्सलियों की बड़ी भागीदारी
बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तरीय आयोजन में इस बार बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया है। फुटबॉल, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में करीब 3500 युवा खिलाड़ी मैदान में उतरे हैं।
इसके साथ ही लगभग 761 सरेंडर किए गए नक्सली और नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के सदस्य भी खेल प्रतियोगिताओं में शामिल हुए हैं। इनकी टीम का नाम नुआ बाट रखा गया है। पिछले साल ऐसे प्रतिभागियों की संख्या करीब 300 थी, जो इस बार दोगुने से अधिक हो गई है। यह बदलाव मुख्यधारा में लौटने और खेलों के माध्यम से सामाजिक पुनर्वास के प्रयासों को मजबूत संकेत देता है।
जगदलपुर में ट्रैफिक प्लान में बदलाव और सुरक्षा कड़े
गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए jagdalpur शहर में ट्रैफिक व्यवस्था में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। जगदलपुर से रायपुर और नगरनार की ओर जाने वाली यात्री बसों के मार्ग को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक परिवर्तित किया गया है। ये बस स्टैंड, बोधघाट, लमानी चौक होते हुए आड़ावाल बाइपास और फिर NMDC चौक व आमागुड़ा चौक से होकर गुजरेंगी।
ट्रक और भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक शहर के भीतर प्रतिबंधित रहेगी। आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को आवाजाही की छूट दी गई है। विमान यात्रियों को बोधघाट मार्ग से होकर एयरपोर्ट आने-जाने की सलाह दी गई है।
कुम्हारपारा चौक से शहीद पार्क, चांदनी चौक से कलेक्ट्रेट मार्ग और इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम तक जाने वाले रास्तों पर दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक आम नागरिकों के लिए यातायात रोका गया है और उनके लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
ड्रोन पर प्रतिबंध और तीन-स्तरीय सुरक्षा
अमित शाह की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
डॉग स्क्वायड की टीमें भी तैनात की गई हैं और सुरक्षाबलों द्वारा लगातार क्षेत्र की सघन जांच की जा रही है। इससे पहले रायपुर में हुई DGP-IG कॉन्फ्रेंस में भी देश की सुरक्षा रणनीति, आंतरिक सुरक्षा, तकनीक आधारित पुलिसिंग और महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म की रूपरेखा पर चर्चा हो चुकी है।
निष्कर्ष: नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति और खेलों के माध्यम से नया संदेश
अमित शाह का यह बस्तर दौरा सुरक्षा और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर वे नक्सलवाद के खात्मे को लेकर बड़े फैसलों या घोषणाओं का संकेत दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बस्तर ओलंपिक के माध्यम से युवाओं, सरेंडर नक्सलियों और प्रभावित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल को प्रोत्साहन मिल रहा है।
कड़े सुरक्षा प्रबंध, ट्रैफिक में बदलाव और बड़े जनसमूह की भागीदारी इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति, विकास और भरोसे की नई जमीन तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
Janmejay Chaturvedi