अमित शाह का हुमायूं कबीर पर पलटवार: कहा- भाजपा और वे नॉर्थ-साउथ पोल जैसे हैं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भाजपा का संकल्प पत्र लॉन्च करने के दौरान पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के वायरल वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया दी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाह ने हुमायूं कबीर और भाजपा की तुलना नॉर्थ पोल और साउथ पोल से की। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा उन लोगों के साथ कभी हाथ नहीं मिलाएगी जो बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की बात करते हैं। शाह ने कहा कि ऐसे लोगों के साथ बैठने के बजाय वे अगले 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।
वायरल वीडियो और ₹1000 करोड़ की डील का दावा
हाल ही में हुमायूं कबीर का एक 19 मिनट का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे भाजपा नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील के बारे में चर्चा करते नजर आ रहे थे। वीडियो में दावा किया गया था कि कबीर की बातचीत पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से हुई है। वीडियो में यह भी संकेत दिया गया था कि रणनीति सफल होने पर उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, अमित शाह ने इन दावों को ममता बनर्जी की क्षमता बताते हुए कहा कि वे ऐसे कई वीडियो बनवा सकती हैं।
राजनीतिक गठबंधन पर असर और विपक्षी हमला
हुमायूं कबीर की पार्टी, आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP), बंगाल विधानसभा की 118 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इस वायरल वीडियो विवाद के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने कबीर की पार्टी से अपना गठबंधन तोड़ लिया है। एआईएमआईएम ने सोशल मीडिया पर कहा कि वे मुसलमानों की निष्ठा पर सवाल उठाने वाले बयानों का समर्थन नहीं कर सकते। दूसरी ओर, टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा पर निशाना साधते हुए ईडी (ED) जांच की मांग की और आरोप लगाया कि भाजपा ने मतदाताओं को बेवकूफ बनाने के लिए ऐसी 'बी टीम' तैयार की है।
हुमायूं कबीर की सफाई और बाबरी मस्जिद का विवाद
हुमायूं कबीर ने इन आरोपों को पूरी तरह फर्जी और एआई (AI) द्वारा निर्मित बताया है। उन्होंने कहा कि वे चुनाव प्रचार के बाद इन दावों के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। गौरतलब है कि कबीर पहले भी विवादों में रहे हैं, विशेष रूप से मुर्शिदाबाद में बाबरी नाम से मस्जिद की नींव रखने की घोषणा के बाद। टीएमसी से निलंबित होने के बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाई थी। अमित शाह ने इसी संदर्भ में कहा कि भाजपा बाबरी मस्जिद का समर्थन करने वालों के साथ कभी नहीं जाएगी।
Satyam Tripathi