अनिल जोशी ने शिरोमणि अकाली दल को झटका देकर कांग्रेस का दामन थामा
पंजाब की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री अनिल जोशी कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में अनिल जोशी ने दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और के सी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इसके बाद से अटकलें तेज हो गईं कि वे जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे।
पंजाब की राजनीति में अनिल जोशी का प्रभाव
अनिल जोशी पंजाब की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे हैं। वे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय थे और 2012 की अकाली-भाजपा सरकार में स्थानीय निकाय मंत्री के तौर पर कार्य कर चुके हैं। हालांकि, किसान आंदोलन के दौरान भाजपा के खिलाफ मुखर होने के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने शिरोमणि अकाली दल का दामन थामा। अब वे कांग्रेस में शामिल होकर अपनी राजनीतिक यात्रा को एक नई दिशा देने वाले हैं।
कांग्रेस को कैसे मिलेगा फायदा?
अनिल जोशी के कांग्रेस में शामिल होने से पंजाब के अमृतसर और इसके आसपास के इलाकों में पार्टी की स्थिति मजबूत हो सकती है। कांग्रेस उन्हें तरनतारन विधानसभा सीट के उपचुनाव में उम्मीदवार बना सकती है। पार्टी का मानना है कि अनिल जोशी की लोकप्रियता और राजनीतिक अनुभव से उन्हें पंजाब में एक नई ऊर्जा मिलेगी।
कांग्रेस में शामिल होने की औपचारिकता
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के नेतृत्व में अनिल जोशी को चंडीगढ़ में आधिकारिक रूप से पार्टी में शामिल किया जाएगा। यह कदम कांग्रेस की पंजाब में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
अनिल जोशी का राजनीतिक सफर
अनिल जोशी अमृतसर से दो बार विधायक रह चुके हैं और उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा है। उनकी राजनीतिक यात्रा भाजपा से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने शिरोमणि अकाली दल का हिस्सा बने। अब, कांग्रेस में शामिल होकर वे एक नई पारी की शुरुआत करने वाले हैं।
कांग्रेस पार्टी इस कदम से पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करने और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रही है।