अयोध्या के सातों पूरक मंदिरों पर विशेष धर्म ध्वजा, न्यायालयी साक्ष्य भी दिखेंगे

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अयोध्या के सातों पूरक मंदिरों पर विशेष धर्म ध्वजा, न्यायालयी साक्ष्य भी दिखेंगे

अयोध्या के पूरक मंदिरों पर धार्मिक प्रतीकों वाली ध्वजाएं, साक्ष्य होंगे प्रदर्शित

सातों पूरक मंदिरों में दर्शन शुरू कराने की तैयारी

श्रीराम मंदिर में दर्शन की व्यवस्था के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सातों पूरक मंदिरों में भी शीघ्र दर्शन प्रारंभ कराने की तैयारी कर रहा है। इन मंदिरों के शिखर पर धर्म ध्वजा का आरोहण प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ, यानी प्रतिष्ठा द्वादशी, के साथ ही कराने की योजना बनाई गई है।

धर्म ध्वजा पर देवी-देवताओं के विशेष प्रतीक चिह्न

ट्रस्ट पदाधिकारियों ने निर्णय लिया है कि प्रत्येक पूरक मंदिर की धर्म ध्वजा पर वहां विराजमान देवी या देवता से संबंधित प्रतीक चिह्न अंकित होंगे। ध्वजा के कपड़े की गुणवत्ता श्रीराम मंदिर की ध्वजा की तरह टिकाऊ रखी जाएगी, हालांकि उसका आकार राम मंदिर की ध्वजा से छोटा रहेगा।

प्रत्येक मंदिर के लिए अलग प्रतीक

सूत्रों के अनुसार परकोटे के मध्य निर्मित भगवान शिव के मंदिर की ध्वजा पर नंदी बाबा या त्रिशूल का प्रतीक होगा। सूर्य मंदिर पर सूर्य या ऊं, गणेश मंदिर पर मूषक या गजानन, हनुमान मंदिर पर गदा, दुर्गा मंदिर पर सिंह, अन्नपूर्णा मंदिर पर अक्षय पात्र और शेषावतार मंदिर की ध्वजा पर शेषनाग का प्रतीक अंकित करने का निर्णय लिया गया है।

ध्वजाओं की रूपरेखा और गुणवत्ता तय

ट्रस्ट ने ध्वजा के आकार-प्रकार, रंग-रूप और गुणवत्ता तय करने के लिए कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि को अधिकृत किया है। श्रीराम मंदिर के स्वर्ण शिखर पर 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण हो चुका है, जबकि पूरक मंदिरों के शिखर पर ध्वजा फहराना अभी शेष है। इन मंदिरों में कुछ कार्य अधूरे रहने के कारण पहले कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब फिनिशिंग, साफ-सफाई और हरित विकास से जुड़े अधिकांश कार्य पूरे हो चुके हैं, इसलिए जल्द ध्वजाओं के निर्माण और ध्वजारोहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

राम मंदिर के दूसरे तल पर न्यायालयी साक्ष्य प्रदर्शित होंगे

रामलला और उनके भव्य मंदिर के साथ-साथ वे साक्ष्य भी पूजित और प्रतिष्ठित किए जाएंगे, जिनके आधार पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय रामलला के पक्ष में आया था। ये साक्ष्य राम मंदिर के दूसरे तल पर दर्शनीय और पूज्य सामग्री के रूप में प्रदर्शित और संरक्षित किए जाएंगे।

न्यायालय से साक्ष्य वापस लेने की तैयारी

श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, साक्ष्यों में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किए गए उत्खनन से प्राप्त अवशेषों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में साहित्यिक अंश शामिल हैं। अब इस निर्णय को चुनौती देने वाला कोई पक्ष न होने के कारण न्यायालय को औपचारिक पत्र लिखकर अनुरोध किया जाएगा कि मंदिर पक्ष से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिए जाएं।

प्रतिष्ठा द्वादशी का पांच दिवसीय उत्सव

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी (पौष शुक्ल द्वादशी) के अवसर पर पांच दिवसीय उत्सव आयोजित किया जाएगा। यह उत्सव 29 दिसंबर से दो जनवरी तक पूरे उत्साह और उमंग के साथ संपन्न होगा।

दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान की व्यवस्था

ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्र ने बताया कि उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में दर्शन की व्यवस्था नियमित रूप से जारी रहेगी। रामलला को समर्पित राग सेवा और अन्य आध्यात्मिक अनुष्ठान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकें, इसके लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन होने वाला रामलला का अभिषेक भी भक्तों को लाइव दिखाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए अयोध्याधाम के विभिन्न मठ-मंदिरों से जुड़े साधु-संतों और ट्रस्ट के प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक में कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को रूपरेखा दी गई।

समापन

समग्र रूप से ट्रस्ट एक ओर पूरक मंदिरों में धर्म ध्वजाओं के माध्यम से देवी-देवताओं की विशिष्टता को रेखांकित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सर्वोच्च न्यायालय से जुड़े साक्ष्यों को प्रदर्शित कर राम मंदिर आंदोलन के ऐतिहासिक और धार्मिक पक्ष को भी संरक्षित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

Lokendra Mishra