भारत-अमेरिका संबंधों पर थरूर और अमेरिकी सांसदों की चर्चा

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भारत-अमेरिका संबंधों  पर थरूर और अमेरिकी सांसदों की चर्चा

भारत-अमेरिका संबंधों पर थरूर और अमेरिकी सांसदों की चर्चा

संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने मंगलवार को अमेरिका से आए सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान भारत-अमेरिका संबंधों और हालिया नीतिगत फैसलों पर चर्चा हुई। समिति के चेयरमैन शशि थरूर ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के भारत के खिलाफ नीतिगत फैसलों पर प्रवासी समुदाय को अपनी मातृभूमि के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए।

भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका पर जोर

बैठक के दौरान थरूर और अन्य भारतीय सांसदों ने सवाल किया कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय इन फैसलों के खिलाफ सक्रिय क्यों नहीं है। एक अमेरिकी सांसद ने बताया कि उनके कार्यालय में किसी भी भारतीय-अमेरिकी मतदाता ने नीतिगत बदलाव के लिए संपर्क नहीं किया। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय मूल के सांसद एमी बेरा ने किया, जिन्होंने भी इस समुदाय की सक्रियता की आवश्यकता पर सहमति जताई।

वीजा और टैरिफ जैसे मुद्दे प्रमुख

बैठक में एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने और भारतीय निर्यात पर टैरिफ लगाने के मुद्दे उठे। भारतीय सांसदों ने इसे भारत के आईटी पेशेवरों और निर्यात क्षेत्र के लिए गंभीर झटका बताया। अमेरिकी सांसदों ने इन फैसलों की आलोचना करते हुए कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान हो सकता है।

चाबहार पोर्ट और रणनीतिक साझेदारी

चर्चा में ईरान के चाबहार पोर्ट का मुद्दा भी शामिल था, जिसे भारत विकसित कर रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों में इस पोर्ट को छूट देने का सवाल उठा। अमेरिकी सांसदों ने भरोसा दिलाया कि उनकी कांग्रेस भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को अहम मानती है और इसे मजबूत करने के पक्ष में है।

रिश्तों को मजबूत बनाने पर सहमति

थरूर ने कहा कि अमेरिकी सांसदों ने भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रवासी समुदाय के योगदान की सराहना की। उन्होंने संकेत दिया कि वर्तमान चुनौतियों के बावजूद दोनों देश संबंधों को और गहराई देने के इच्छुक हैं। यह बैठक औपचारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं थी, लेकिन अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे को देखते हुए इसे जोड़ा गया।

यह चर्चा भारत और अमेरिका के बीच मजबूत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।