भोपाल हॉस्पिटल में छात्रा की मौत पर हंगामा, प्रबंधन पर सवाल

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भोपाल हॉस्पिटल में छात्रा की मौत पर हंगामा, प्रबंधन पर सवाल

भोपाल हॉस्पिटल में छात्रा की मौत के बाद छात्रों का गुस्सा फूटा

भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) की नर्सिंग छात्रा शुभांगिनी की मौत के बाद छात्रों का प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा सामने आया है। छात्रों ने आरोप लगाया कि शुभांगिनी की मौत अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई।

छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप

छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल में खराब भोजन और दूषित पानी की वजह से शुभांगिनी बीमार हुई। बीमारी के बावजूद उसे क्लिनिकल ड्यूटी करने पर मजबूर किया गया और हालत बिगड़ने पर समय पर इलाज नहीं दिया गया। शुभांगिनी का इलाज पहले बीएमएचआरसी, फिर बालाघाट और अंततः एम्स भोपाल में हुआ, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई।

निदेशक पर लगाए गंभीर आरोप

छात्राओं ने निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव पर आरोप लगाया कि उन्होंने समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय छात्राओं के चरित्र पर सवाल खड़े किए। छात्रों ने निदेशक को हटाने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में एनएसयूआई ने भी छात्रों का समर्थन किया है।

बीएमएचआरसी ने आरोपों को बताया निराधार

बीएमएचआरसी प्रशासन ने छात्रों के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि संस्थान में भोजन और पानी की गुणवत्ता समय-समय पर जांची जाती है। उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुनने और जरूरी कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

इस घटना ने संस्थान की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का प्रदर्शन और उनकी मांगें संस्थान के लिए गंभीर चेतावनी हैं।

आगे की जांच और कार्रवाई से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में दोषी कौन है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है।