भारत-अफगान रिश्तों में नई पहल: मुत्तकी का दौरा और बगराम एयरबेस विवाद

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भारत-अफगान रिश्तों  में नई पहल: मुत्तकी का दौरा और बगराम एयरबेस विवाद

भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में नई पहल

तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने भारत दौरे के दौरान स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान किसी भी विदेशी सेना को अपनी जमीन पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बगराम एयरबेस को लेकर अमेरिका की मांग को ठुकराते हुए कहा कि यह किसी को नहीं दिया जाएगा। मुत्तकी ने यह भी कहा कि अफगानिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी अन्य देश के खिलाफ नहीं होने देगा।

भारत और अफगानिस्तान के ऐतिहासिक रिश्ते

मुत्तकी ने भारत और अफगानिस्तान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया और भारत को एक करीबी दोस्त बताया। हाल ही में हेरात प्रांत में आए भूकंप के बाद भारत ने तुरंत मानवीय सहायता भेजी थी। इसके लिए उन्होंने भारत की सराहना की।

भारत का दूतावास फिर से शुरू होगा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने घोषणा की कि भारत काबुल में अपने तकनीकी मिशन को दूतावास में बदलेगा। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद इसे बंद कर दिया गया था। जयशंकर ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है।

तालिबान प्रतिनिधिमंडल का भारत दौरा

मुत्तकी का यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक है। वे दिल्ली में राजनीतिक और सांस्कृतिक स्थलों के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इस यात्रा के दौरान ताजमहल और देवबंद का दौरा भी शामिल है।

भारत और तालिबान के बीच बढ़ती निकटता

हालांकि भारत ने अभी तक तालिबान सरकार को आधिकारिक मान्यता नहीं दी है, लेकिन यह दौरा संकेत देता है कि दोनों पक्षों के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारत के लिए दक्षिण एशिया में अपने हितों को सुरक्षित रखने का एक रणनीतिक कदम है।

यह यात्रा भारत और अफगानिस्तान के बीच संबंधों को नई दिशा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।