भारत पर 50% टैरिफ से व्यापार तनाव
अमेरिका का भारत पर व्यापारिक दबाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू करने का फैसला किया है। उन्होंने भारत पर रूसी तेल और हथियार खरीदने का आरोप लगाते हुए 25% अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा की, जो बुधवार से लागू होगा। भारत ने इसे एकतरफा और व्यापार के लिहाज से गलत करार दिया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है और इस प्रभाव को कम करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है।
भारत का प्रतिक्रिया और रणनीति
भारत पहले से ही अमेरिका के इस दबाव के बीच दूसरे बाजारों की तलाश में जुटा है। मौजूदा समय में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और आने वाले समय में तीसरे स्थान पर पहुंचने की उम्मीद है। इसी क्रम में भारत और जापान के बीच एक बड़ा समझौता होने जा रहा है, जिससे व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी।
जापान का भारत में निवेश
जापान ने अगले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 68 बिलियन डॉलर) निवेश करने की घोषणा की है। यह घोषणा जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा द्वारा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली शिखर बैठक के दौरान की जाएगी। यह निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, हेल्थ और पर्यावरण जैसे आठ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में केंद्रित होगा।