भोपाल जल अभावग्रस्त घोषित: निजी ट्यूबवेल खनन पर तत्काल रोक, उल्लंघन पर FIR व सजा

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भोपाल जल अभावग्रस्त घोषित: निजी ट्यूबवेल खनन पर तत्काल रोक, उल्लंघन पर FIR व सजा

भोपाल जल अभावग्रस्त घोषित, निजी ट्यूबवेल खनन पर तत्काल रोक

भोपाल जिले को 'जल अभावग्रस्त' क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने शुक्रवार को पूरे जिले में निजी ट्यूबवेल और बोरवेल खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं, जो तुरंत लागू हो गए हैं।

अवैध बोरिंग पर सख्त कार्रवाई

कलेक्टर के आदेशानुसार, अब जिले में बिना अनुमति कोई भी ट्यूबवेल या नलकूप खनन नहीं कर सकेगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से बोरिंग कराता है या बोरवेल मशीन जिले में प्रवेश करती है, तो संबंधित एसडीएम और पुलिस अधिकारी मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज करवा सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने पर दो हजार रुपए जुर्माना, दो साल तक की सजा या दोनों हो सकते हैं। बोरवेल मशीनों के जिले से गुजरने पर भी रोक लगाई गई है।

तेजी से गिरते भूजल स्तर और पेयजल संकट से बचाव

तेज गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए इस बार प्रतिबंध पहले ही लागू कर दिया गया है। पिछले साल यह आदेश 7 अप्रैल को जारी किया गया था, जबकि इस बार इसे लगभग 25 दिन पहले लागू किया गया है। यह आदेश 30 जून तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने यह सख्त कदम जिले में कृषि और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भूजल के अत्यधिक दोहन और आने वाले ग्रीष्मकाल में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए उठाया है।

शासकीय योजनाओं को छूट

कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध केवल निजी नलकूपों पर लागू होगा। शासकीय योजनाओं के तहत किए जा रहे नलकूप खनन कार्यों पर यह रोक लागू नहीं होगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) द्वारा संचालित कार्यों के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।

कानूनी आधार

यह कार्रवाई मप्र ड्रिंकिंग वॉटर कंजर्वेशन एक्ट 1986 और इसके 2002 के संशोधन के तहत की गई है। अधिनियम की धारा 3 के तहत भोपाल जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है, जबकि धारा 6(1) के अंतर्गत पूरे जिले में निजी और अशासकीय नलकूप खनन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया गया है।

Amit Pateria