राजधानी के सरकारी हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा और भोजन पर संकट
पंचशील नगर के छात्रावास में अव्यवस्थाएं
राजधानी भोपाल के पंचशील नगर स्थित शासकीय अनुसूचित जाति महाविद्यालयीन कन्या छात्रावास की छात्राएं इन दिनों दोहरे संकट से जूझ रही हैं। एक तरफ उन्हें घटिया गुणवत्ता वाला भोजन परोसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ छात्रावास में उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे है।
सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक
छात्रावास की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार छात्रावास पर पथराव किया जा रहा है, जिससे वॉशरूम की कांच की खिड़कियां टूट गई हैं। रविवार को हुई ऐसी ही एक घटना ने छात्राओं को दहला दिया है। छात्राओं का आरोप है कि उनके पास इस करतूत की पूरी रिकॉर्डिंग मौजूद है, फिर भी पुलिस और प्रशासन हमलावरों पर कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा कर रहे हैं। सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा गार्डों की कमी के कारण छात्राएं अपने ही हॉस्टल में असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
भोजन की खराब गुणवत्ता से स्वास्थ्य पर असर
छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है। 29 मार्च को छात्राओं को परोसी गई खीर में कीड़े तैरते मिले थे। सब्जी में दिया गया पनीर का टुकड़ा रबर जैसा सख्त था। छात्राओं द्वारा 'आयोडीन सॉल्यूशन' डालने पर पनीर काला पड़ गया, जो उसमें मिलावट और स्टार्च की उपस्थिति की पुष्टि करता है। छात्राओं का आरोप है कि पिछले छह महीनों से उन्हें पानी जैसी पतली दाल और कच्ची रोटियां दी जा रही हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है।
शिकायत के बावजूद प्रशासन की अनदेखी और दबाव की राजनीति
छात्राओं ने अपनी शिकायतों को वार्डन से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचाया है, लेकिन समाधान के बजाय उन पर ही दबाव बनाया जा रहा है। आरोप है कि वार्डन छात्राओं से कोरे कागज पर यह लिखवा रही हैं कि उन्हें प्रबंधन से कोई शिकायत नहीं है। हद तो तब हो गई जब शिकायतें वापस लेने के लिए छात्राओं के परिजनों को बुलाकर उन पर मानसिक दबाव डाला गया। यह लापरवाही नई नहीं है; इससे पहले 7 नवंबर 2025 को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन विभाग के आला अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। प्रशासन की यह बेरुखी सीधे तौर पर अनुसूचित जाति की छात्राओं के शिक्षा और स्वास्थ्य के अधिकार का हनन है। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ सुरक्षा के मुद्दे पर असंवेदनशील पुलिस भी जिम्मेदार है।
निष्पक्ष जांच और आंदोलन की चेतावनी
छात्राओं ने प्रशासन से मांग की है कि भोजन आपूर्ति करने वाले वेंडर और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। उनका कहना है कि यह उनके सम्मान, सुरक्षा और भविष्य का मामला है; यदि जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मजबूर होकर उग्र आंदोलन करेंगी।
Sachin Saxena