मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर जारी, 24 जिलों में आज अलर्ट
मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक, यानी 9 अप्रैल तक, आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। एक सक्रिय टर्फ के कारण सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुल 24 जिलों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, 7 अप्रैल से एक नया मौसमी सिस्टम भी सक्रिय हो रहा है।
आज इन जिलों में अलर्ट
सोमवार को जिन जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।
मौसम वैज्ञानिकों की राय
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में सिस्टम की गतिविधि देखी जा रही है। इसके अतिरिक्त, 7 अप्रैल से एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना है।
बीते दिनों का मौसम और फसलों पर असर
इससे पहले 4 और 5 अप्रैल को भी प्रदेश में सिस्टम की तीव्र गतिविधि देखी गई थी। शनिवार को 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई और 39 जिलों में तेज आंधी-बारिश का दौर चला। बारिश से प्रभावित जिलों में ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, अनूपपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, कटनी, बड़वानी, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, धार, इंदौर, मंदसौर और खंडवा शामिल थे। मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर जिलों में ओले भी गिरे। कई जिलों में तेज आंधी भी दर्ज की गई, जिसमें जबलपुर में 59 किलोमीटर प्रति घंटा और सागर में 54 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार शामिल थी। रविवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा, जिसमें आंधी और बारिश दोनों देखी गईं।
आंधी की रफ्तार और मौसमी बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कुछ जिलों में आंधी की अधिकतम रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि बाकी जगहों पर यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रहेगी। आमतौर पर अप्रैल और मई गर्मी के मुख्य महीने होते हैं, लेकिन इस बार मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के अंत में तापमान में गिरावट देखी गई, जिसका कारण पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम थे। अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी मौसम मिला-जुला रहने की उम्मीद है।
इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। फरवरी में ओले, बारिश और आंधी से फसलों को नुकसान हुआ। मार्च में गर्मी की शुरुआत के बाद बारिश के कई दौर चले, जिससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं।
एमपी के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ट्रेंड
मध्य प्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है और महीने के आखिरी दिनों में तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के पिछले 10 साल के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक और जबलपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार भी जा चुका है।
ऐतिहासिक आंकड़े
इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
Sharad Shrivastava