भोपाल में प्रॉपर्टी होगी महंगी: 732 लोकेशन पर गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव
भोपाल में संपत्ति की कीमतों को प्रभावित करने वाली नई गाइडलाइन 2026-27 को अंतिम रूप देने के लिए 23 मार्च को एक और महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इससे पहले, भोपाल की कुल 732 लोकेशन पर प्रॉपर्टी गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव आया है, जिस पर सांसद, विधायक और आम लोगों ने कई आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कुल 63 दावे-आपत्तियों पर समिति ने विचार-विमर्श किया है, जिनमें से कुछ को मान्य किया गया है।
आपत्तियां और सुझावों पर मंथन
जिला मूल्यांकन समिति ने विभिन्न सुझावों पर विचार किया। अलार्क रेजीडेंसी की प्रस्तावित दरों को कम करने का सुझाव स्वीकार कर लिया गया है। वहीं, भौंरी की कृषि भूमि की दरों को यथावत रखने का निर्णय लिया गया, हालांकि भूखंड की दरों को कम करने का सुझाव भी था। नूर-उस-सबाह रेजीडेंसी कोहेफिजा की ओर से प्रस्तुत सुझाव को अमान्य कर दिया गया। नगर निगम के वार्ड-74 स्थित महोली की मेयर कॉलोनी की प्रस्तावित दरों को प्रचलित गाइडलाइन की दर की श्रेणी में शामिल करने के सुझाव को मंजूर कर लिया गया है। कृष्णा होम्स द्वारा भोजपुर रोड ग्राम दीपड़ी की दरों में वृद्धि प्रस्तावित नहीं करने का सुझाव भी स्वीकार कर लिया गया। गोल्डन सिटी जाटखेड़ी की प्रस्तावित दरें कम नहीं होंगी। ग्राम अचारपुरा, परेवाखेड़ा, चांदपुर, मनीखेड़ी, अरवलिया, परवलिया, ईंटखेड़ी और इमालिया जैसे कई क्षेत्रों में भी गाइडलाइन नहीं बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
री-ट्रांसफर को लेकर अहम प्रस्ताव
क्रेडाई ने महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी संपत्ति के री-ट्रांसफर पर स्टाम्प ड्यूटी समायोजन (इनपुट क्रेडिट) का सुझाव दिया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, यदि कोई संपत्ति तीन वर्ष की अवधि के भीतर पुनः अंतरण (री-ट्रांसफर) की जाती है, तो संबंधित संपत्ति के पूर्व पंजीयन में जमा की गई स्टाम्प ड्यूटी की राशि का समायोजन नवीन पंजीयन में प्रदान किया जाना चाहिए। इससे संपत्ति के बार-बार क्रय-विक्रय की स्थिति में नागरिकों और व्यवसायियों पर अनावश्यक आर्थिक भार कम होगा। विधायक भगवानदास सबनानी ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए इसे केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड और शासन को भेजने की अनुशंसा की है। इस सुविधा से रियल एस्टेट क्षेत्र में लेन-देन सरल होंगे, निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और संपत्ति बाजार में तरलता बढ़ेगी, जिससे दीर्घकाल में शासन को भी राजस्व वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा।
किन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ेंगे रेट?
जानकारी के अनुसार, निर्मल सिटी, निशातपुरा रोड, मुर्गी बाजार और समर ग्रीन में सर्वाधिक 181% की वृद्धि प्रस्तावित है। इसके अलावा, यशोदा नगर, भोपाल टॉकीज से सेफिया रोड, मालीपुरा, माया विहार, पाल विहार, रेत घाट से वीआईपी रोड, कबाड़खाना, गौतम नगर, पंचशील नगर, न्यू मार्केट, रोशनपुरा, सेवनिया गौंड, चौकी बरखेड़ी, एयरोसिटी परिसर, बेहटा, दामखेड़ा, कोलार रोड, बंजारी, अकबरपुर, बावड़ियाकलां, मिसरोद, एयरपोर्ट और अयोध्या बायपास समेत कई अन्य इलाकों में भी प्रॉपर्टी की दरें बढ़ेंगी।
एक ओर जहां सैकड़ों इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है, वहीं भौंरी क्षेत्र में गाइडलाइन को 58 प्रतिशत तक कम करने का प्रस्ताव भी लाया जा रहा था। हालांकि, समिति ने इसे यथावत रखने का निर्णय लिया है। किसानों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी, खासकर जहां सरकार के बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जैसे भौंरी क्षेत्र की 3700 एकड़ में प्रदेश की पहली एआई एंड नॉलेज सिटी।
गाइडलाइन दरों में वृद्धि के कारण
नई गाइडलाइन दरों में वृद्धि के कई कारण बताए गए हैं। टीएंडसीपी से स्वीकृत नई कॉलोनियों और आम जनता की सुविधाओं के कारण 38 लोकेशन प्रभावित हुई हैं। नए राष्ट्रीय राजमार्ग, बायपास और रिंग रोड बनने से 18 लोकेशन पर असर पड़ा है। वहीं, नए औद्योगिक और विशेष आर्थिक क्षेत्रों की स्थापना से 3 लोकेशन प्रभावित पाई गई हैं। इस तरह जिले की कुल 621 लोकेशनों पर दर वृद्धि का प्रस्ताव है, जिनमें कोलार रोड, अयोध्या बायपास, रायसेन रोड, भोपाल बायपास और कई पॉश इलाके शामिल हैं।
लगातार दूसरे साल बढ़ेगी गाइडलाइन
यह लगातार दूसरा साल है जब भोपाल जिला मूल्यांकन समिति गाइडलाइन बढ़ा रही है। इससे पहले, 1 हजार 312 लोकेशन पर औसत 11% गाइडलाइन बढ़ाई गई थी, जिनमें सुल्तानिया रोड, गांधीनगर, दानिश हिल्स, मैकेनिकल मार्केट और जहांगीराबाद जैसे इलाके शामिल थे।
कुल 2175 लोकेशन का ड्राफ्ट जारी किया गया है। नगर निगम सीमा में 607 लोकेशन पर प्रॉपर्टी के रेट 5% से लेकर 181% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। पंजीयन विभाग ने 628 लोकेशन पर दरें बढ़ाने और 795 लोकेशन को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे इन क्षेत्रों में भी दाम बढ़ेंगे। ड्राफ्ट के अनुसार, नगर निगम क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी भानपुर स्थित निर्मल सिटी में प्रस्तावित है, जहां दर 6400 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 18 हजार रुपए की गई है, यानी 181% की वृद्धि।
संपदा 2.0: पारदर्शिता के लिए नया सिस्टम
जिले में जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन उप पंजीयक कार्यालयों में होता है। लोगों की सुविधा के लिए भोपाल शहर में चार उप पंजीयक कार्यालय काम कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए संपदा 2.0 का नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है। इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से पहले संपत्ति का वास्तविक स्थल निरीक्षण किया जाता है और जियो-टैगिंग के जरिए फोटो अपलोड की जाती है। इससे संपत्ति की सही लोकेशन और जानकारी की पुष्टि हो सके और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बने।
Janmejay Chaturvedi