भोपाल में कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की तैयारियां, मुख्यमंत्री ने जारी किए दिशा-निर्देश

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भोपाल में कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री ने जारी किए दिशा-निर्देश

मध्य प्रदेश के भोपाल में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में 7 और 8 अक्टूबर 2025 को कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार, कॉन्फ्रेंस में विभिन्न क्षेत्रों की योजनाओं और उनकी समीक्षा पर चर्चा की जाएगी।

प्रमुख बिंदु और एजेंडा

कॉन्फ्रेंस के दौरान विषय संयोजकों को प्रस्तुति के लिए अधिकतम 20 मिनट का समय मिलेगा। राज्य सरकार के विजन के अनुरूप केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी, जिसमें सर्वश्रेष्ठ और कमजोर जिलों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा, कलेक्टरों के सुझावों पर ध्यान केंद्रित करते हुए जिला स्तर पर नवाचारों पर चर्चा होगी।

स्थानीय संसाधनों का उपयोग और सार्वजनिक संवाद

मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय और योजना विभाग द्वारा चुनिंदा कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, रोजगार सृजन, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच और जागरूकता पर भी चर्चा की जाएगी।

सत्रों का विवरण

कॉन्फ्रेंस में कुल आठ सत्र होंगे। उद्घाटन सत्र 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से 10:30 बजे तक होगा, जिसमें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव संबोधित करेंगे। विभिन्न सत्रों में कृषि, स्वास्थ्य, रोजगार, उद्योग, शहरी विषय, सुशासन, शिक्षा, जनजातीय विकास एवं नियम और कानून पर चर्चा की जाएगी। प्रत्येक सत्र के लिए 75 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।

दूसरे दिन की चर्चा

8 अक्टूबर को कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन सुबह 9:30 बजे से 10:15 बजे तक मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विविध मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा और जनजाति कार्य, पीएचई, और जनजातीय गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। आठवें और अंतिम सत्र में नियम और कानून पर विचार-विमर्श होगा।

महत्वपूर्ण उद्देश्य

यह कॉन्फ्रेंस राज्य सरकार की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने, समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। सरकारी अधिकारियों और कलेक्टरों के बीच संवाद और नवाचार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

निष्कर्ष

कमिश्नर-कलेक्टर कॉन्फ्रेंस राज्य की प्रशासनिक प्रणाली को अधिक प्रभावी और समृद्ध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन से सरकारी योजनाओं और उनके क्रियान्वयन में सुधार की उम्मीद की जा रही है।