जहरीली कफ सिरप से मासूमों की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप से एक दर्जन से अधिक मासूम बच्चों की मौत के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने किया। उन्होंने सरकार और प्रशासन पर संवेदनहीनता और लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में प्रतीकात्मक विरोध
प्रदर्शन के दौरान 12 खिलौना बच्चों को बीजेपी के गमछे से फांसी लगाते हुए प्रतीकात्मक रूप से सरकार की लापरवाही को दर्शाया गया। प्रदर्शनकारियों ने जहरीली कफ सिरप की बोतलों के पोस्टर और तख्तियों पर उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग लिखी। इस दौरान सड़क पर बैठकर जमकर नारेबाजी भी की गई।
कफ सिरप निर्माताओं पर कार्रवाई की मांग
विवेक त्रिपाठी ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े हादसे के बावजूद जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को बचाया जा रहा है। त्रिपाठी ने कहा कि बाकी बचे सैंपलों की रिपोर्ट में देरी क्यों हो रही है और दोषियों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो दवाइयां अन्य राज्यों में प्रतिबंधित हैं, वे मध्यप्रदेश में किसकी अनुमति से बिक रही थीं?
स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता का आरोप
कांग्रेस नेता प्रकाश चौकसे ने भाजपा सरकार की विफलताओं को उजागर करते हुए कहा कि बच्चों की मौत सरकार की नाकामी का सबूत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले को दबने नहीं देगी और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर खानापूर्ति की कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया।
एनएसयूआई की चेतावनी
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यदि दोषी अधिकारियों के निलंबन और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो एनएसयूआई प्रदेश के सभी जिलों में सरकारी अस्पतालों के बाहर जनआंदोलन करेगी।
इस प्रदर्शन ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है और मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जनता का ध्यान आकर्षित किया है।