भोपाल में पेयजल टंकियां गंदी, कांग्रेस ने नगर निगम को दी चेतावनी

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भोपाल में पेयजल टंकियां गंदी, कांग्रेस ने नगर निगम को दी चेतावनी

भोपाल में पेयजल टंकियों और फिल्टर प्लांट की स्थिति पर कांग्रेस की जांच

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कड़ी में भोपाल के कई इलाकों से गंदे पानी की सप्लाई की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिसके बाद नगर निगम का अमला सैंपल लेने और वाल्व सुधारने के लिए मैदान में उतरा है।

बरखेड़ा पठानी की टंकी में गंदगी के आरोप

इस बीच कांग्रेस के नेता भी शहर की पेयजल टंकियों और फिल्टर प्लांट की जांच के लिए निकल पड़े। कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बरखेड़ा पठानी स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर निरीक्षण किया और वीडियो बनाया। निरीक्षण के दौरान टंकी के अंदर और आसपास गंदगी पाई गई।

झूमरवाला के अनुसार, इसी टंकी से रोजाना हजारों लोगों को पीने का पानी सप्लाई किया जाता है, जिससे दूषित पानी के कारण संक्रमण और गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भोपाल में भी इंदौर जैसी दुखद घटना दोहराई जा सकती है।

उन्होंने यह भी बताया कि टंकी के आसपास गंदगी के साथ-साथ शराबियों का जमावड़ा भी दिखाई दे रहा था। झूमरवाला ने मांग की कि भोपाल शहर की सभी टंकियों की तुरंत सफाई कराई जाए और कहा कि यह सिर्फ चेतावनी देने का समय नहीं, बल्कि तत्काल कार्रवाई का समय है। उनके अनुसार, पानी जीवन है और इसके साथ किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं हो सकती।

श्यामला हिल्स वाटर फिल्टर प्लांट की स्थिति

मंगलवार सुबह नगर निगम के कांग्रेसी पार्षद श्यामला हिल्स स्थित वाटर फिल्टर प्लांट के निरीक्षण के लिए पहुंचे। इस दौरान नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, मो. जहीर सहित अन्य लोग मौजूद थे।

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान श्यामला हिल्स के फिल्टर प्लांट का पानी बड़े तालाब में मिलता हुआ देखा गया, जबकि बड़े तालाब से ही शहर के कई इलाकों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। उनके अनुसार, इस तरह रॉ वाटर का तालाब में मिलना गलत है और इससे पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

जकी ने आरोप लगाया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट उस समय चालू नहीं था और वहां सिर्फ कागजी कार्रवाई ही दिखाई दी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई कि पानी का नियमित सैंपल लिया जाता है या नहीं। उनके अनुसार, वहां तैनात केमिस्ट केवल ग्रेजुएशन पास है, जबकि रसायन शास्त्र में ग्रेजुएट होना आवश्यक है।

जकी ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली और पानी को फिल्टर करने के लिए जिस तरह के दिशा-निर्देशों का पालन होना चाहिए, वह भी现场 पर दिखाई नहीं दिया।

कांग्रेस की मांग और आगे की कार्रवाई

इन निरीक्षणों के बाद कांग्रेस नेताओं ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि बरखेड़ा पठानी की टंकी और श्यामला हिल्स फिल्टर प्लांट दोनों की स्थिति चिंताजनक है और यदि समय पर सुधार नहीं किए गए तो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे इस मुद्दे को और मजबूती से उठाएंगे। फिलहाल नगर निगम द्वारा सैंपलिंग और तकनीकी सुधार की प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है, जबकि विपक्ष स्थिति पर नजर रखे हुए है।

Vivek Singh