भोपाल मेट्रो ब्लू लाइन पर अंडरग्राउंड रूट की मांग, डीपीआर पर सवाल

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भोपाल मेट्रो ब्लू लाइन पर अंडरग्राउंड रूट की मांग, डीपीआर पर सवाल

भोपाल मेट्रो रूट पर नया विवाद, अंडरग्राउंड निर्माण की उठी मांग

भोपाल मेट्रो के प्रस्तावित रूट पर नया विवाद सामने आया है। भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज चौराहे तक के हिस्से को लेकर भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने मेट्रो की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर सवाल उठाए हैं और इस हिस्से में अंडरग्राउंड मेट्रो बनाने की मांग की है।

सांसद की आपत्ति और अंडरग्राउंड रूट की मांग

आलोक शर्मा का कहना है कि इस हिस्से में वायाडक्ट बनने से भविष्य में पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने तर्क दिया कि प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन आसपास के क्षेत्र में वाहन खड़े होने और यातायात दबाव को और बढ़ाएंगे, ऐसे में अंडरग्राउंड मेट्रो ही बेहतर और दीर्घकालिक समाधान हो सकता है।

गुरुवार दोपहर सड़क यातायात समिति की चौथी बैठक के दौरान सांसद ने रंगमहल से राजभवन रोड तक के हिस्से की ओर निर्माण एजेंसियों का खास तौर पर ध्यान आकर्षित किया। बैठक में उन्होंने भोपाल मेट्रो रेल के अधिकारियों से फोन पर चर्चा की और भारत माता से लिली टॉकीज तक अंडरग्राउंड मेट्रो का नया प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

मेट्रो प्रबंधन का पक्ष और मौजूदा योजना

मेट्रो प्रबंधन के अनुसार विवादित रूट भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन का हिस्सा है, जिसे राणागिरि तिराहा से भदभदा चौराहा तक विकसित किया जा रहा है। इस रूट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को वर्ष 2018 में केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि इस लाइन पर दिसंबर 2024 से निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और अब तक एक वर्ष से अधिक समय का काम हो चुका है। उनकी राय में इस चरण में पूरी योजना को बदलना संभव नहीं है, क्योंकि इससे तैयार डीपीआर और चल रहे कार्य पर सीधा असर पड़ेगा।

खर्च बढ़ने की आशंका और आगे की स्थिति

सांसद की मांग के अनुसार यदि इस हिस्से को अंडरग्राउंड में बदला जाता है, तो परियोजना की लागत बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मेट्रो प्रबंधन का मानना है कि पहले से स्वीकृत और प्रगति पर चल रही योजना में व्यापक बदलाव करने से वित्तीय और तकनीकी दोनों स्तर पर असर पड़ेगा।

अब सवाल यह है कि प्राधिकरण और सरकार सांसद की आपत्तियों और सुझावों पर किस स्तर तक विचार करती है, या फिर पहले से स्वीकृत डीपीआर और चल रहे निर्माण कार्य के आधार पर मौजूदा योजना को ही आगे बढ़ाया जाएगा।

Bhavanesh Soni