भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन से पहले शेड्यूल और तैयारियां तेज
भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी से हरी झंडी मिलने के बाद अब इसका कमर्शियल रन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुभाषनगर से एम्स स्टेशन तक मेट्रो संचालन की रूपरेखा, शेड्यूल और किराए को लेकर मंथन जारी है, जबकि लोकार्पण की संभावित तारीख 13 दिसंबर मानी जा रही है।
6.22 किमी प्रायोरिटी कॉरिडोर पर हर 30 मिनट में मेट्रो
भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर लंबा है, जिसमें कुल 8 स्टेशन शामिल हैं। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार शुरुआती चरण में इस कॉरिडोर पर हर 30 मिनट के अंतराल पर मेट्रो चलाई जाएगी। बाद में जब ऑरेंज लाइन का पूरा 16 किमी रूट एम्स से करोंद तक शुरू होगा तो ट्रेनों के बीच का अंतर 30 मिनट से घटाकर लगभग 10 मिनट करने की योजना है।
संभावित समय: सुबह 8 से रात 8 बजे तक
प्रस्तावित शेड्यूल के तहत मेट्रो का संचालन रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक, यानी 12 घंटे किया जा सकता है। इस समयावधि का चयन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इसी दौरान एमपी नगर, एम्स और सुभाषनगर क्षेत्र में सरकारी और निजी कार्यालयों के कारण सबसे अधिक यातायात रहता है। अधिकारियों का मानना है कि इस समय मेट्रो संचालन से यात्रियों की अच्छी संख्या सुनिश्चित हो सकती है और सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
स्टेशन तैयार, अंतिम टेस्टिंग और सजावट जारी
प्रायोरिटी कॉरिडोर के सभी आठों स्टेशन पर ज्यादातर सिविल और सिस्टम वर्क पूरे कर लिए गए हैं। लिफ्ट और एस्केलेटर की फाइनल टेस्टिंग की जा रही है और स्टेशनों को सजाने का काम भी तेजी से चल रहा है। मेट्रो प्रबंधन का लक्ष्य है कि 10 दिसंबर तक सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी संभावित लोकार्पण तिथि से पहले संचालन के लिए पूरी तरह तैयार रहा जा सके।
यात्रियों की सुविधा के लिए स्टाफ की तैनाती, टिकट काउंटर की व्यवस्था और अन्य जरूरी प्रबंधन भी कर दिए गए हैं। मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान अनुमान है कि ट्रेनें हर स्टेशन पर लगभग 2 से 5 मिनट के भीतर पहुंचेंगी, जिससे कम दूरी की यात्रा भी तेज और सुगम हो सकेगी।
लोकार्पण की संभावित तारीख और पीएम कार्यक्रम की अनिश्चितता
मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के अनुसार, फिलहाल लोकार्पण के लिए 13 दिसंबर की तारीख संभावित मानी जा रही है। यह उम्मीद है कि इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेट्रो का उद्घाटन कर सकते हैं, संभव है कि वे वर्चुअल माध्यम से भी इसे हरी झंडी दें। हालांकि, प्रधानमंत्री कार्यालय से उनका अंतिम शेड्यूल अभी तय नहीं हुआ है, इसलिए इसे औपचारिक रूप से फाइनल तारीख नहीं माना जा रहा है। इसके बावजूद प्रशासन और मेट्रो प्रबंधन पूरी तैयारी 13 दिसंबर को ध्यान में रखकर ही कर रहे हैं।
फिलहाल 9 ट्रेनें पहुंचीं, कुल 27 का लक्ष्य
भोपाल मेट्रो परियोजना के तहत कुल 27 मेट्रो ट्रेनों को लाने की योजना है। इनमें से 9 ट्रेनें अब तक भोपाल पहुंच चुकी हैं और इन्हें अलग-अलग सेक्शन पर ट्रायल रन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ट्रायल के जरिए सिग्नलिंग सिस्टम, ब्रेकिंग, ट्रेन कंट्रोल और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है, ताकि कमर्शियल रन शुरू होने से पहले तकनीकी खामियों की संभावना लगभग खत्म हो जाए।
निष्कर्ष: भोपाल मेट्रो की शुरुआत के लिए काउंटडाउन शुरू
कुल मिलाकर भोपाल मेट्रो अपने कमर्शियल संचालन से ठीक पहले के चरण में पहुंच चुकी है। शेड्यूल, किराया, सुरक्षा मानकों और सुविधाओं पर अंतिम मंथन के बीच स्टेशन और ट्रेनें लगभग तैयार हैं। प्रायोरिटी कॉरिडोर पर हर 30 मिनट में 12 घंटे तक मेट्रो चलाने की योजना से राजधानी के व्यस्त इलाकों के यात्रियों को बड़ा विकल्प मिलने वाला है। अब औपचारिक लोकार्पण तिथि और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम पर अंतिम मुहर के साथ भोपाल मेट्रो की शुरुआत का काउंटडाउन तय माना जा रहा है।
Bhavanesh Soni