भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया: छह रियासतें पहली बार एक साथ बनाएंगी ग्रेटर भोपाल

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भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया: छह रियासतें पहली बार एक साथ बनाएंगी ग्रेटर भोपाल

भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया: छह रियासतों का महानगर

भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया के गठन से छह ऐतिहासिक क्षेत्रों को पहली बार एक महानगरीय ढांचे में जोड़ा जा रहा है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, नरसिंहगढ़, राजगढ़, देवास और अंग्रेजों का सेंट्रल प्रोविन्स शामिल हैं।

क्षेत्र और आबादी

इस महानगर क्षेत्र की कुल आबादी 62 लाख और क्षेत्रफल 12 हजार वर्ग किलोमीटर है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा महानगर होगा। सीहोर सबसे बड़ा जिला है, जो बीएमआर के 27% क्षेत्रफल में है। भोपाल 19% क्षेत्रफल में फैला है, लेकिन कुल आबादी का 49% हिस्सा भोपाल में रहता है।

विकास योजना

पूरे क्षेत्र के लिए एक मास्टर प्लान बनेगा। यह तय करेगा कि कॉलोनियां, उद्योग, सड़कें और सार्वजनिक परिवहन कहां और कैसे विकसित होंगे। ड्राफ्ट प्लान राजपत्र और अखबारों में प्रकाशित होगा, और नागरिक 30 दिनों तक सुझाव-आपत्तियां दे सकेंगे।

लैंड यूज नियम

खेती की जमीन का उपयोग बदलने के लिए कम से कम 40 हेक्टेयर का जुड़ा हुआ भूखंड जरूरी होगा। सिंचित कृषि भूमि का लैंड यूज बदलने पर कलेक्टर गाइडलाइन का 15% विकास शुल्क देना होगा।

स्थानीय निकाय और परिवहन

नगर निगम, पालिका और ग्राम पंचायतों के अधिकार खत्म नहीं होंगे। बड़ी बहु-जिला परियोजनाओं की योजना महानगर स्तर पर होगी। एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण बनेगा, जिसमें सड़क, बस, मेट्रो और रेलवे से जुड़े फैसले एक मंच पर लिए जाएंगे।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1778 में भोपाल नवाब ने अंग्रेजों को सुरक्षित मार्ग और रसद उपलब्ध कराई थी। 1818 में रायसेन में ईस्ट इंडिया कंपनी और नवाब के बीच संधि हुई। 1861 में बैरसिया परगना सिकंदर बेगम को सौंपा गया। 1884 में इटारसी-भोपाल-भिलसा रेलवे लाइन शुरू हुई।

Ravi Yadav